हरियाणा का नया विजन: ‘नमो सिटी’ का ऐलान और शहरों में अनिवार्य रेन वाटर हार्वेस्टिंग
हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: KMP एक्सप्रेसवे के पास 5000 एकड़ में बनेगी 'नमो सिटी'। घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य और गुरुग्राम-फरीदाबाद में 24 घंटे पानी।
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के शहरों को भविष्य की जरूरतों के अनुसार आधुनिक बनाने के लिए कमर कस ली है। मंगलवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में ‘हरियाणा विजन-2047’ के तहत शहरी स्थानीय निकाय विभाग की समीक्षा बैठक करते हुए मुख्यमंत्री ने कई बड़े और कड़े फैसले लिए। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक में पानी की किल्लत से निपटने, डिजिटल गवर्नेंस और कचरा प्रबंधन को लेकर बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई।
शहरी इलाकों में लगातार गिरते भूजल स्तर को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब शहरी क्षेत्रों में 250 वर्ग गज या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले सभी घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम (Rainwater Harvesting) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस नियम का कड़ाई से पालन कराया जाए ताकि बारिश के पानी का सही संचयन हो सके।
शहरी नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने घोषणा की कि गुरुग्राम और फरीदाबाद में पायलट प्रोजेक्ट के तहत 24 घंटे स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति शुरू की जाएगी। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस कदम से पानी की बर्बादी रुकेगी और लोगों को बूस्टर पंप लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। शहरी निवासियों को नगर निगम के चक्कर काटने से बचाने के लिए सरकार एक एकीकृत सुपर ऐप (Integrated Super App) लॉन्च करने जा रही है। इस ऐप को सीधे नागरिकों की प्रॉपर्टी आईडी (Property ID) से जोड़ा जाएगा।
KMP कॉरिडोर के पास 5000 एकड़ में बसेगी ‘नमो सिटी’
मुख्यमंत्री ने राज्य में एक नए औद्योगिक और आवासीय हब के निर्माण का ऐलान किया है। KMP (कुंडली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेसवे के किनारे 5,000 एकड़ क्षेत्र में एक ग्रीनफील्ड सिटी विकसित की जाएगी, जिसका नाम ‘नमो सिटी’ (Namo City) होगा। यह शहर पूरी तरह से ईको-फ्रेंडली और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जो बड़े निवेशकों और उद्योगों को आकर्षित करेगा।
शहरों को कूड़े के ढेरों से मुक्ति दिलाने के लिए मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, यमुनानगर और अंबाला में बनने वाले वेस्ट टू एनर्जी प्लांट्स (Waste to Energy Plants) की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए कि इन प्लांट्स का काम युद्ध स्तर पर पूरा कर इन्हें जल्द चालू किया जाए, ताकि कचरे से बिजली और खाद बनाई जा सके।