भिवानी: करोड़ों की सड़क पहली बारिश में ही धंसी, यात्रा बनी जानलेवा
12 करोड़ की लागत से बनी भिवानी-तोशाम सड़क पहली बारिश में ही धंस गई। सड़क के किनारे गहरे कटाव से हादसों का डर। जानें प्रशासन की सफाई और पूरी स्थिति।
भिवानी। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी भिवानी-तोशाम मुख्य मार्ग और बाईपास पर गहरे कटाव उभर आए हैं। भिवानी से गांव बापोड़ा तक करीब आठ किलोमीटर चौड़ा किया गया मार्ग मानसून की पहली बारिश में ही सड़क के दोनों तरफ गहरे कटावों में बदल गया है। इससे तेज रफ्तार वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बढ़ गया है। हाल ही में बनी सड़क के नीचे की मिट्टी काफी गहराई तक खिसक चुकी है। सड़क की हल्की तारकोल की परत बिना आधार के टिकी है। इस पर किसी वाहन के टायर का हल्का दबाव भी हादसे का कारण बन सकता है।
भिवानी-तोशाम मार्ग पर चौबीसों घंटे तेज रफ्तार में भारी और हल्के वाहन दौड़ते हैं। चूंकि सड़क के नीचे का आधार (मिट्टी) गायब हो चुका है ऐसे में अगर किसी भी तेज रफ्तार वाहन के टायर का हल्का दबाव भी इस अधर में लटकी तारकोल की परत पर पड़ता है तो सड़क तुरंत धंस जाएगी। यह स्थिति किसी भी चलते वाहन को पलटने और बड़े हादसे का कारण बनने के लिए काफी है। रात के समय या बारिश के दौरान यह खतरा कई गुना अधिक बढ़ जाता है। वाहन चालकों को सड़क के किनारे के ये गहरे गड्ढे और कटाव दूर से दिखाई नहीं देते हैं।
बाईपास की भी स्थिति बदहाल
मुख्य मार्ग के अलावा भिवानी बाईपास की स्थिति भी ऐसी ही बनी हुई है। बाईपास पर भी कई जगहों पर गहरे कटाव उभर आए हैं। बाईपास का इस्तेमाल भारी ट्रकों और अंतर-राज्यीय वाहनों द्वारा किया जाता है। भारी वाहनों के भार के कारण इन कटावों के पास से सड़क टूटने की गति और तेज हो गई है। स्थानीय निवासियों और राहगीरों का कहना है कि अगर इन कटावों को तुरंत ठीक नहीं किया गया तो बाईपास पर किसी भी समय कोई बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है।