भिवानी: आंधी में ध्वस्त हुए बस शेल्टर, यात्री खुले आसमान में खड़े होने को मजबूर
मई की आंधी में भिवानी के ग्रामीण रूटों पर बने बस शेल्टर ढहे। घटिया निर्माण के आरोपों के बीच यात्री धूप और बारिश में परेशान। बीडीपीओ ने दिया मरम्मत का आश्वासन।
भिवानी। मई माह में आई तेज आंधी से ग्रामीण रूटों पर बने बस क्यू शेल्टर ध्वस्त हो गए हैं। लाखों रुपये की लागत से बने ये शेल्टर कई स्थानों पर पूरी तरह टूट गए हैं। कुछ स्थानों पर वे क्षतिग्रस्त हालात में हैं। यात्रियों को गर्मी, धूप और बारिश में खुले आसमान के नीचे बसों का इंतजार करना पड़ रहा है।
गांव से शहर जाने वाली बसों का समय निश्चित नहीं होता है। पहले शेल्टर में बैठकर थोड़ा आराम मिल जाता था। अब आंधी में टूटने के बाद सिर छिपाने की भी जगह नहीं बची है। आसपास कोई पेड़ या दुकान न होने के कारण यात्री सीधे सूर्य की रोशनी में झुलसने को मजबूर हैं। इस समस्या को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के मौजिज लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों में भारी रोष है।
ग्रामीणों ने विभाग और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है। उन्होंने ध्वस्त हो चुके बस क्यू शेल्टरों का तुरंत सर्वे करवाने की मांग की है। उनकी जगह नए और मजबूत शेल्टरों का निर्माण सुनिश्चित करने को कहा गया है। यात्रियों की मांग है कि जब तक पक्के शेल्टर नहीं बनते, तब तक अस्थायी रूप से छाया की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। बीडीपीओ नवीन मलिक ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में टूटे हुए बस क्यू शेल्टरों को जल्द ही दुरुस्त करवाया जाएगा। उन्होंने लोगों को कोई परेशानी नहीं होने देने का आश्वासन दिया।