गुरुग्राम के मोहन वशिष्ठ बने प्रो बॉडीबिल्डर, जीता IFBB प्रो कार्ड
गुरुग्राम के बॉडीबिल्डर मोहन वशिष्ठ ने IFBB प्रो लीग में जीता गोल्ड और हासिल किया प्रो कार्ड। अब मिस्टर ओलंपिया का सपना पूरा करने की ओर बढ़े कदम।
गुरुग्रामः भारत के बॉडीबिल्डर मोहन वशिष्ठ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए IFBB प्रो लीग क्वालीफायर में मेंस क्लासिक फिजीक वर्ग का गोल्ड मेडल अपने नाम किया. इस जीत के साथ उन्हें प्रतिष्ठित IFBB प्रो कार्ड भी मिला, जिसके बाद वे आधिकारिक तौर पर प्रोफेशनल बॉडीबिल्डिंग की दुनिया में प्रवेश कर चुके हैं. बता दें कि IFBB (International Federation of Bodybuilding and Fitness) प्रो लीग दुनिया की सबसे बड़ी पेशेवर बॉडीबिल्डिंग और फिटनेस संस्था है. इसमें जीतकर ही प्रतिभागी दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता ‘मिस्टर ओलंपिया’ में जगह बना सकते हैं.
IFBB प्रो लीग में भारत का करेंगे प्रतिनिधित्वः दरअसल गुरुग्राम के 35 वर्षीय मोहन वशिष्ठ ने इस प्रतियोगिता में 40 से अधिक प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए खिताब अपने नाम किया. करीब 15 वर्षों की लगातार मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बाद उन्हें पहली बार IFBB प्रो कार्ड हासिल हुआ. अब वे दुनिया भर में आयोजित IFBB प्रो लीग प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर सकेंगे.
मिस्टर ओलंपिया बनना है सपनाः मोहन का अगला लक्ष्य प्रोफेशनल बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर आवश्यक क्वालिफाइंग अंक हासिल करना है, ताकि वे दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता मिस्टर ओलंपिया में जगह बना सकें.
खुद की जिम चलते हैं मोहन वशिष्टः मोहन वशिष्ठ गुरुग्राम स्थित मूवमेंट बेस्ड फिटनेस जिम के मालिक हैं. उनकी चैंपियनशिप की तैयारी कोच कृष्णा पटेल के मार्गदर्शन में हुई, जबकि छह सदस्यीय कोचिंग टीम ने उनकी तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
मोहन अब तक जीत चुके हैं ये मेडलः
- 2026: IFBB प्रो कार्ड (मेंस क्लासिक फिजीक)
- 2026: IFBB प्रो लीग क्वालिफायर – गोल्ड मेडल
- 2025: एमेच्योर ओलंपिया – सिल्वर मेडल
- 2023: मिस्टर इंडिया – सिल्वर मेडल
- 2023: मिस्टर यूनिवर्स इंडिया – ब्रॉन्ज मेडल
- 2022: NPC दिल्ली – गोल्ड मेडल
बास्केटबॉल खिलाड़ी रह चुके है मोहनः स्कूल के दिनों में राष्ट्रीय स्तर के बास्केटबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं मोहन वशिष्ट. अपनी जीत के बाद मोहन वशिष्ठ ने कहा, “कभी हार मत मानिए। लगातार प्रयास करते रहिए और अपने लक्ष्य से नजर मत हटाइए. अनुशासन आपको बहुत आगे तक लेकर जाता है. 13 साल तक लगातार मेहनत करने के बाद IFBB प्रो कार्ड जीतना मेरे जीवन के सबसे खुशी भरे पलों में से एक है. आज मेरी सारी मेहनत और त्याग सफल हो गया.”
क्या बोले मोहन वशिष्ठः अब प्रोफेशनल बॉडीबिल्डिंग में कदम रखने के बाद मोहन वशिष्ठ का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन करना है. उनका मानना है कि “अनुशासन, निरंतरता और कड़ी मेहनत के दम पर कोई भी खिलाड़ी अपने सपनों को साकार कर सकता है.”