जंतर-मंतर: CJP प्रमुख अभिजीत दीपके पर फेंकी स्याही, वीडियो हुआ वायरल

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान CJP प्रमुख अभिजीत दीपके पर महिला ने फेंकी स्याही। घटना के बाद दीपके ने शुरू किया अनशन। जानें क्या है पूरा मामला।

जंतर-मंतर पर शनिवार का दिन बेहद हंगामेदार रहा। एक तरफ जहां सुबह सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से पुलिस ने उठा लिया तो दूसरी तरफ दीपके ने अनशन शुरू कर दिया। इन सब हलचल के बीच एक महिला ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके पर स्याही फेंक दी, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, दीपके ने इसे सहजता से लिया और इसमें अपनी एक पसंद तलाश ली। दीपके ने कहा स्याही के नीले रंग को अपना पसंदीदा बताते हुए जय भीम का नारा लगाया।

अभिजीत दीपके जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के बीच माइक पर कुछ बोल रहे थे। तभी एक महिला ने नजदीक जाकर उन पर स्याही फेंकी। जल्दी-जल्दी तीन बार हाथ चलाया। स्याही दीपके के चेहरे और हाथों पर फैल गई। इसके बाद आसपास मौजूद कार्यकर्ताओं ने महिला को पकड़ लिया। दीपके ने महिला को पीटने से रोकने की कोशिश की। लेकिन आक्रोशित समर्थकों ने उसके साथ बदसलूकी शुरू कर दी। महिला के ऊपर जूता फेंका गया और कुछ लोग हाथा-पाई भी करते नजर आए।

मच गई अफरा-तफरी

खबर लिखे जाने तक महिला की पहचान सामने नहीं आई थी और उसका इरादा भी स्पष्ट नहीं हुआ था। बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने महिला को हिरासत में ले लिया। उससे पूछताछ की जा रही है। स्याही फेंके जाने के बाद कुछ देर के लिए वहां काफी अफरा-तफरी मच गई। सीजेपी संस्थापक इसके बाद दोबारा मंच पर चले गए जहां उन्होंने सुबह सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद अनशन शुरू कर दिया है।

दीपके ने लिखा- नीला मेरा रंग

अभिजीत दीपके ने घटना का वीडियो शेयर करते हुए सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प टिप्पणी की। उन्होंने घटना पर किसी तरह की नाराजगी या आक्रोश दिखाने की बजाय इसमें अपने पसंद की तलाश कर ली। उन्होंने बताया कि नीला रंग उन्हें पसंद है। दीपके ने लिखा, ‘नीला मेरा रंग है, जय भीम।’

वांगचुक के बाद अनशन पर दीपके

नीट परीक्षा लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी करीब एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। इसी के मंच पर सोनम वांगचुक 21 दिनों से हड़ताल पर थे। सुबह करीब साढ़े सात बजे पुलिस ने दीपके को उठा लिया। इसके बाद प्रदर्शन स्थल पर दीपके ने ऐलान किया कि अब वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब सीजेपी ने 20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान किया है। वांगचुक भी संसद की ओर कूच करने वाले थे, लेकिन अब उनके अस्पताल में होने से यह साफ नहीं है कि वह इसमें शामिल हो पाएंगे या नहीं।

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