मीरी-पीरी मेडिकल कॉलेज का प्रबंधन हरियाणा सिख गुरुद्वारा कमेटी ने अपने हाथ में लिया, जगदीश सिंह झींडा का बड़ा बयान
कुरुक्षेत्र के शाहाबाद स्थित मीरी-पीरी मेडिकल कॉलेज का प्रबंधन हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) ने संभाला। जगदीश सिंह झींडा ने बकाया वेतन देने का किया ऐलान।
कुरुक्षेत्र : जिला के शाहाबाद स्थित मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर के प्रबंधन को लेकर चल रहे लंबे विवाद के बीच सोमवार को हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) ने संस्थान का प्रबंधन अपने हाथ में ले लिया। कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने इसे हरियाणा के लिए ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि अब संस्थान का संचालन हरियाणा कमेटी करेगी और कर्मचारियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के सभी सदस्यों के प्रयासों से आज मीरी-पीरी मेडिकल कॉलेज एवं संस्थान का प्रबंधन संभाल लिया गया है। उन्होंने कहा कि अब डॉक्टरों, कर्मचारियों और अन्य स्टाफ की जिम्मेदारी पूरी तरह HSGMC की होगी और संस्थान का संचालन पहले की तरह जारी रहेगा।
उन्होंने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि एक महीने की बकाया सैलरी, जो करीब ₹1 करोड़ 37 लाख है, मंगलवार को जारी कर दी जाएगी। वहीं शेष दो महीने का बकाया वेतन भी जल्द देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। झींडा ने कहा कि अब से कर्मचारियों को वेतन मिलने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी और भविष्य की सभी सैलरी हरियाणा कमेटी समय पर देगी।
उन्होंने कहा कि संस्थान में कार्यरत डॉक्टर और कर्मचारी बिना किसी चिंता के अपना काम जारी रखें। किसी कर्मचारी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा और सभी के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। SGPC पर निशाना साधते हुए झींडा ने कहा कि हरियाणा कमेटी ने 72 घंटे का समय दिया था, लेकिन इसके बावजूद प्रबंधन नहीं सौंपा गया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह प्रचार कर रहे थे कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी सक्षम नहीं है, लेकिन आज कमेटी ने संस्थान का प्रबंधन संभालकर इसका जवाब दे दिया है।