भर्ती परीक्षाओं पर आम आदमी पार्टी और बीजेपी आमने-सामने, मनोहर लाल खट्टर ने पंजाब सरकार को घेरा
हरियाणा में भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक को लेकर आप और बीजेपी आमने-सामने। अनुराग ढांडा के आरोपों पर भाजपा का पलटवार, मनोहर लाल खट्टर ने भी साधा निशाना।
चंडीगढ़: हरियाणा में भर्ती परीक्षाओं में हुए पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है. सोशल मीडिया पर आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. दोनों दल एक-दूसरे पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगा रहे हैं.
अनुराग ढांडा का भाजपा को खुला चुनौतीपूर्ण सवाल: दरअसल, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि, “भाजपा बताए कि उसके कार्यकाल में ऐसी कौन-सी भर्ती परीक्षा रही है, जो पेपर लीक या भर्ती विवाद से अछूती रही हो. भाजपा सरकार के दौरान 30 से अधिक भर्ती परीक्षाएं पेपर लीक या गंभीर अनियमितताओं के आरोपों में घिरीं.” इसके साथ ही ढांडा ने ग्राम सचिव, क्लर्क, बिजली विभाग क्लर्क, एक्साइज इंस्पेक्टर, एग्रीकल्चर इंस्पेक्टर, कंडक्टर, आईटीआई प्रशिक्षक, नायब तहसीलदार, HTET, पुलिस कांस्टेबल, पटवारी, TGT, डेंटल सर्जन, स्टेनो टाइपिस्ट, UDC और जूनियर ड्राफ्ट्समैन सहित कई भर्तियों का भी जिक्र किया.
युवाओं के भविष्य पर विपक्ष ने उठाए सवाल: AAP का कहना है कि हर बार भर्ती परीक्षा विवादों के कारण सबसे बड़ा नुकसान उन युवाओं को उठाना पड़ता है, जिन्होंने सालों तक मेहनत करके परीक्षा की तैयारी की होती है. विपक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि भर्ती परीक्षाओं की गोपनीयता और सुरक्षा पर हर साल 20 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाते हैं. इसके बावजूद यदि बार-बार पेपर लीक और भर्ती विवाद सामने आते हैं तो पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है. पार्टी ने पूछा कि “युवाओं का समय, पैसा और मानसिक दबाव आखिर कौन लौटाएगा?”
बीजेपी का पलटवार: वहीं, हरियाणा भाजपा ने आम आदमी पार्टी के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए X पर जवाब दिया. बीजेपी ने कहा कि, “भाजपा सरकार ने मेरिट के आधार पर लाखों युवाओं को बिना सिफारिश और बिना रिश्वत सरकारी नौकरियां दी हैं. AAP हरियाणा सरकार की उपलब्धियों से ध्यान भटकाने के लिए झूठ और भ्रम फैलाने की राजनीति कर रही है. आम आदमी पार्टी को पहले पंजाब में भर्ती प्रक्रिया, कानून-व्यवस्था और नशे जैसे मुद्दों पर जवाब देना चाहिए.”
मनोहर लाल खट्टर ने पंजाब सरकार को घेरा: इस बीच केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान पंजाब में सामने आए पेपर लीक मामलों पर कहा कि, “अब ये मुद्दा हाइलाइट हो गया है. सरकार किसी की भी हो, कहीं भी हो, इन विषयों पर जनता का ध्यान आकर्षित होना चाहिए. जैसा आंदोलन ये लोग दिल्ली में कर रहे थे, वैसे ही वहां जाकर भी ऐसे मुद्दों पर आंदोलन करना चाहिए.”