हरियाणा के सरकारी कॉलेजों के लिए नया आदेश, समय पर एसीआर न देने पर प्रिंसिपल होंगे उत्तरदायी

हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में प्रोफेसरों की एसीआर और सेल्फ-अप्रेज़ल को लेकर उच्च शिक्षा निदेशालय के सख्त निर्देश। 31 अगस्त तक रिपोर्ट पूरी करने की अंतिम तारीख।

चंडीगढ़:  हरियाणा सरकार ने सरकारी कॉलेजों में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसरों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) और स्व-मूल्यांकन (सेल्फ-अप्रेज़ल) समय पर पूरा कराने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। उच्च शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट कर दिया है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 की सभी एसीआर 31 अगस्त तक हर हाल में पूरी की जाएं। इसमें किसी भी प्रकार की देरी के लिए संबंधित कॉलेज के प्रिंसिपल को जिम्मेदार माना जाएगा।

देरी से प्रमोशन और सेवा लाभ पर पड़ सकता है असर
निदेशालय के अनुसार एसीआर समय पर जमा न होने के कारण प्रमोशन, सीनियर स्केल, सिलेक्शन ग्रेड, प्रोफेसर ग्रेड और सेवा विस्तार जैसे मामलों में अनावश्यक प्रशासनिक देरी होती है। इसलिए तय समय सीमा के बाद जमा की गई एसीआर को स्वीकार नहीं किया जाएगा और समय सीमा बढ़ाने पर भी कोई विचार नहीं होगा।

रिश्तेदार की एसीआर में ग्रेडिंग नहीं कर सकेंगे प्रिंसिपल
सरकार ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी प्रिंसिपल का रिश्तेदार या परिवार का सदस्य है और उनके प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत है, तो प्रिंसिपल उसकी एसीआर में ओवरऑल ग्रेडिंग दर्ज नहीं करेंगे। ऐसे मामलों में निर्धारित नियमों के अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था अपनाई जाएगी।

परीक्षा परिणाम और लंबित मामलों का पूरा विवरण देना होगा
सभी प्रिंसिपलों को निर्देश दिए गए हैं कि एसीआर में संबंधित शिक्षकों के परीक्षा परिणाम पूरी तरह दर्ज किए जाएं। इसके साथ ही यह भी प्रमाणित करना होगा कि किसी शिक्षक के खिलाफ कोई शिकायत, चार्जशीट, विजिलेंस जांच या आपराधिक मामला लंबित है या नहीं। यदि कोई मामला लंबित है तो उसका पूरा विवरण एसीआर में शामिल करना अनिवार्य होगा।

ऑनलाइन देनी होगी लंबित एसीआर की जानकारी
उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी सरकारी कॉलेजों के प्रिंसिपलों को अपने संस्थान में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसरों की संख्या प्रमाणित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी शिक्षक की एसीआर लंबित न रहे। यदि कोई एसीआर शेष रहती है तो उसकी पूरी जानकारी और देरी का कारण ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से दर्ज करना होगा।

स्थानांतरण होने पर भी सेल्फ-अप्रेज़ल की सूचना देना अनिवार्य
विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि यदि किसी शिक्षक का स्थानांतरण किसी अन्य विभाग में होता है, तो संबंधित प्रिंसिपल उसे समय पर अपना स्व-मूल्यांकन (सेल्फ-अप्रेज़ल) भरने की सूचना अवश्य दें, ताकि उसकी एसीआर प्रक्रिया निर्धारित समय के भीतर पूरी हो सके।

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