शुरू होने वाली है पवित्र कांवड़ यात्रा, जानिए किन दिग्गजों अफसरों के कंधों पर है सुरक्षा की जिम्मेदारी

कांवड़ यात्रा 2026 को लेकर उत्तर प्रदेश प्रशासन पूरी तरह तैयार। मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद के पुलिस अधिकारियों के हाथ में है सुरक्षा की कमान।

गाजियाबाद: सावन शुरू होते ही कांवड़ियों की टोली गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा पर निकलेगी. हर साल की तरह इस साल भी कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश प्रशासन ने सारी व्यवस्थाएं कर ली हैं. उत्तराखंड के हरिद्वार से गोमुख तक कांवड़िए जल उठाकर यूपी और अन्य स्थानों तक जाते हैं. वहीं यूपी से गुजरने वाले कांवड़िए मुजफ्फरपुर, मेरठ और गाजियाबाद से होते हुए दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा की ओर जाएंगे. ऐसे में इन 3 जिलों के पास कांवड़ यात्रा को लेकर अहम जिम्मेदारी है.

रूट मैप के अनुसार, मुजफ्फरनगर कांवड़ यात्रा का पहला पड़ाव है. इसके बाद मेरठ और फिर गाजियाबाद से होते हुए कांवड़ियां अपनी यात्रा को आगे बढ़ाते हैं. इसलिए इन तीन जिलों की पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारी पूरी कर ली है. तीनों जिलों के पुलिस प्रधान ने कमर कस ली है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाने का भरोसा दिया है. आइए जानते हैं कि इन 3 जिलों की कमान किन अधिकारियों के हाथ में है.
मुजफ्फरनगर की कमान संभालेंगे SSP संजय
मुजफ्फरनगर की कमान जिले के एसएसपी संजय कुमार वर्मा के हाथों में है. कुछ दिन पहले ही उन्होंने पंचायत सभागार में डीएम और कांवड़ सेवा शिविर संचालकों के साथ बैठक की है. उन्होंने सभी पदाधिकारियों को कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए अलग-अलग निर्देश दिए हैं. साथ ही जिले में पर्याप्त रोशनी, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सहायता, अग्निशमन उपकरण और सीसीटीवी कैमरे की कैसी व्यवस्था रहेगी, इसके बारे में भी उन्होंने प्रमुखों को आदेश दे दिए हैं. एसएसपी संजय कुमार ने डीजे संचालकों को भी सख्त हिदायत दी है और अस्थाई थाना बनाए जाने की भी घोषणा की है.
बता दें कि मुजफ्फरनगर एसएसपी संजय कुमार वर्मा साल 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. मूल रूप से वह आजमगढ़ के रहने वाले हैं और साल 2025 में उन्होंने जिले के एसएसपी के रूप में कार्यभार संभाला है. इससे पहले वह इटावा में एसएसपी के पद पर तैनात थे. यूपी पुलिस के तेज-तर्रार पुलिस अधिकारियों में उनकी गिनती होती है और अपने सख्त एक्शन के कारण उनकी अक्सर चर्चा होती रहती है.
एसएसपी अविनाश पांडे के हाथ में मेरठ की कमान
वहीं मेरठ में कांवड़ यात्रा की व्यवस्था की जिम्मेदारी जिले के एसपी अविनाश पांडे के हाथ में दी गई है. उन्होंने मेरठ में कांवड़ यात्रा के मार्ग में 9 अस्थाई चौकियां बनाई हैं, जिससे पल-पल की खबर 24 घंटे पुलिस के पास रहे और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रहे. उन्होंने मेरठ में कांवड़ यात्रा के सुरक्षित और शांतिपूर्ण संपन्न करने के लिए सुरक्षा के व्यापक निर्देश दिए गए हैं.
मेरठ के एसपी अविनाश पांडे मूल रूप से लखीमपुर खीरी जिले के रहने वाले हैं और साल 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. उनकी पहली तैनाती गाजियाबाद में एसपी सिटी और प्रयागराज महाकुंभ में हुई थी. इसके बाद 2019 में वे एसपी देहात के पद पर रहे और फिर लखनऊ में इनकी तैनाती हुई. मेरठ से पहले एसपी अविनाश पांडे ने पीलीभीत और मऊ में एसपी का पद संभाला था. अपने तेज-तर्रार एक्शन के कारण उन्हें कमेंडेशन डिस्क (सिल्वर एंड गोल्ड मेडल) से सम्मानित किया जा चुका है.
कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ संभालेंगे गाजियाबाद
इसके अलावा गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ के हाथ में है. उन्होंने गाजियाबाद से दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान जाने वाले मार्गों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था तैनात की है. इसके साथ ही वह जमीन पर उतरकर इन व्यवस्थाओं की निगरानी भी कर रहे हैं. कांवड़ यात्रा पर उन्होंने तमाम तैयारियां को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं और पूरे जिले में सीसीटीवी के माध्यम से नजर रखने की व्यवस्था भी कर ली है.
गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं और साल 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. योगी सरकार ने उनकी कार्य क्षमता को देखते हुए उन्हें आगरा के पुलिस कमिश्नर पद के लिए चुना था. फिर इसके बाद उन्हें गाजियाबाद कमिश्नरेट की जिम्मेदारी सौंपी गई. अपने एक्शन के लिए गाजियाबाद कमिश्नरेट अक्सर चर्चा में रहते हैं.
Leave A Reply

Your email address will not be published.