हरियाणा में अब 5 एकड़ पर बन सकेगी कॉलोनी, सरकार ने नई टाउन प्लानिंग योजना को दी मंजूरी
हरियाणा सरकार ने नगर निकाय क्षेत्रों में 5 एकड़ जमीन पर आवासीय प्लॉट प्रोजेक्ट्स के लिए नई टाउन प्लानिंग योजना और संपत्ति के मालिकाना हक से जुड़े नए नियमों को मंजूरी दी है।
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने नगर निकाय क्षेत्रों में नए आवासीय प्लॉट बनाने के लिए नई टाउन प्लानिंग योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अब कम से कम 5 एकड़ जमीन पर आवासीय प्लॉट प्रोजेक्ट शुरू किए जा सकेंगे। इसके लिए जमीन तक पहुंचने वाली सड़क कम से कम 33 फुट चौड़ी होनी जरूरी होगी।
योजना में प्लॉट का आकार 50 वर्गमीटर से 250 वर्गमीटर तक रखा गया है। लोगों को सस्ते मकान उपलब्ध कराने के लिए हर प्रोजेक्ट में कम से कम 50 प्रतिशत प्लॉट 150 वर्गमीटर या उससे छोटे रखने होंगे।
प्रोजेक्ट क्षेत्र के अधिकतम 65 प्रतिशत हिस्से में आवासीय और व्यावसायिक प्लॉट बनाए जा सकेंगे, जबकि व्यावसायिक क्षेत्र केवल 5 प्रतिशत तक ही होगा। कॉलोनी के अंदर की सड़कों की चौड़ाई कम से कम 10 मीटर रखनी होगी। सरकार ने डेवलपर्स के लिए कुछ शुल्क भी तय किए हैं। उन्हें हरियाणा शहरी अवसंरचना विकास बोर्ड (एचयूआईडीबी) को जांच शुल्क और विकास शुल्क जमा करना होगा। सरकार का कहना है कि इससे अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर रोक लगेगी।
कैबिनेट बैठक में संपत्तियों के स्वामित्व अधिकार दर्ज करने और विवादों के निपटारे के लिए नए नियमों को मंजूरी दी गई। इन नियमों के लागू होने के बाद लंबे समय से गांवों में रह रहे लोगों को अपनी जमीन और मकान का कानूनी मालिकाना रिकॉर्ड मिल सकेगा। इससे संपत्ति से जुड़े विवाद कम होंगे और लोगों को अपनी संपत्ति से जुड़ी सुविधाएं लेने में आसानी होगी। सरकार ने स्वामित्व तय करने की
प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए व्यावसायिक प्लॉट बनाए जा सकेंगे, जबकि व्यावसायिक क्षेत्र केवल 5 प्रतिशत तक ही होगा। कॉलोनी के अंदर की सड़कों की चौड़ाई कम से कम 10 मीटर रखनी होगी। सरकार ने डेवलपर्स के लिए कुछ नियम बनाए हैं। दावों की जांच के दौरान लोगों को अपनी बात रखने और दस्तावेज जमा करने का मौका मिलेगा। संबंधित अधिकारियों को जांच और सबूत लेने के लिए विशेष अधिकार दिए जाएंगे। पहले तैयार किए गए सर्वे और मैपिंग के आधार पर संपत्तियों की पहचान की जाएगी। आधुनिक तकनीक से किए गए सर्वे के जरिए सही रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।