गोल्डन लाइन का 81% काम पूरा, इसी साल शुरू हो सकती है मेट्रो सेवा
दिल्ली मेट्रो फेज 4 की गोल्डन लाइन (तुगलकाबाद-एरोसिटी) का 81% ढांचागत निर्माण पूरा हो चुका है। जानिए इसके 15 स्टेशन, सबसे लंबे प्लेटफॉर्म और परिचालन शुरू होने की पूरी रिपोर्ट।
दिल्ली मेट्रो क फेज चार में निर्माणाधीन गोल्डन लाइन (तुगलकाबाद-एरोसिटी) का 81 प्रतिशत ढांचागत निर्माण पूरा हो चुका है। डीएमआरसी इस वर्ष के अंत तक गोल्डन लाइन का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। हालांकि, इस पर अलग-अलग चरणों में मेट्रो का परिचालन शुरू होगा। जो हिस्सा पहले तैयार होगा उस पर परिचालन पहले शुरू किया जा सकता है।
माना जा रहा है कि गोल्डन लाइन पर नेब सराय से एरोसिटी के बीच पहले मेट्रो सेवा शुरू हो सकती है। दरअसल, नेब सराय से महिपालपुर तक भूमिगत मेट्रो कॉरिडोर के लिए सुरंग बनकर तैयार हो चुकी है। सिर्फ महिपालपुर से एरोसिटी के बीच एक छोटे से हिस्से पर सुरंग का निर्माण पूरा होना शेष है। इसका निर्माण भी तेजी से चल रहा है। दो टनल बोरिंग मशीन (टीवीएम) इस सुरंग की खोदने में जुटी हैं। उम्मीद है कि अगले कुछ महीने में इसका भी निर्माण पूरा हो जाएगा।
पूरी लाइन पर 15 स्टेशन
तुगलकाबाद से एरोसिटी तक निर्माणाधीन 23.622 किलोमीटर लंबी गोल्डन लाइन का 19.34 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत होगा। पूरी लाइन पर कुल 15 स्टेशन होंगे, जिसमें से 11 भूमिगत स्टेशन होंगे। तुगलकाबाद-एरोसिटी मेट्रो लाइन की परियोजना फेज चार के तीन प्रमुखता वाले कॉरिडोर का हिस्सा रही है। इस कॉरिडोर के भी तीन हिस्से हैं। इसके तहत तुगलकाबाद से आनंदमयी मार्ग तक 2.65 किलोमीटर भूमिगत मेट्रो कॉरिडोर के लिए सुरंग का काम पहले ही पूरा हो चुका है।
इस हिस्से पर आनंदमयी मार्ग, तुगलकाबाद रेलवे कॉलोनी व तुगलकाबाद, इन तीन स्टेशन का कार्य प्रगति पर है। वहीं, संगम विहार से साकेत जी ब्लॉक तक का 4.27 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड होगा। इस हिस्से पर साकेत जी ब्लॉक, अंबेडकर नगर, खानपुर-वायुसेनाबाद और संगम विहार ये चार स्टेशन होंगे।
प्लेटफॉर्म पर लगाए जा रहे स्क्रीन डोर
गोल्डन लाइन के स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर भी होंगे। कुछ स्टेशनों पर पूरी ऊंचाई के और कुछ स्टेशनों पर आधे ऊंचाई के प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर लगेंगे। स्टेशनों पर एस्केलेटर, लिफ्ट और प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर लगाने का काम भी चल रहा है।
एक और सुरंग बन रही
गोल्डन लाइन का विस्तार फेज पांच-ए में दिल्ली एयरपोर्ट टर्मिनल एक तक होगा। लिहाजा, एरोसिटी से एयरपोर्ट टर्मिनल एक के बीच 2.63 किलोमीटर का भूमिगत कॉरिडोर बनाने के लिए सुरंग खोदने का काम शुरू हो गया है। इस कार्य के लिए एक टीवीएम लगाई गई है।
एरोसिटी में बन रहा सबसे लंबा प्लेटफॉर्म
गोल्डन लाइन पर पांच इंटरचेंज स्टेशन होंगे। एरोसिटी वर्तमान एक्सप्रेस लाइन के साथ इंटरचेंज स्टेशन होगा। आने वाले समय में दिल्ली-अलवर नमो भारत कॉरिडोर भी एरोसिटी से होकर गुजरेगा। तब एरोसिटी एक बड़ा इंटरचेंज बनकर उभरेगा। इसके मद्देनजर एरोसिटी में गोल्डन लाइन पर बन रहे नए स्टेशन का प्लेटफॉर्म 290 मीटर लंबा बनाया जा रहा है। इसलिए यह दिल्ली मेट्रो का सबसे लंबा प्लेटफॉर्म होगा।
फेज चार की सबसे लंबी सुरंग
साकेत जी ब्लॉक के बाद नेब सराय से एरोसिटी तक करीब 16.69 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत होगा। यह फेज चार की सबसे लंबी मेट्रो सुरंग होगी। महिपालपुर से एरोसिटी के बीच करीब 1.4 किलोमीटर भूमिगत कॉरिडोर के निर्माण के लिए दो टीवीएम मशीनें लगी हैं। शेष सुरंग बन गई है। नेब सराय से एरोसिटी के बीच आठ भूमिगत स्टेशनों का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। इसमें किशनगढ़, छतरपुर और छतरपुर मंदिर स्टेशन काफी हद तक तैयार हो गए हैं।