पुरातत्व विभाग के संरक्षण दावों के बीच खतरे में तिगड़ाना का ऐतिहासिक टीला, चहारदीवारी का इंतजार
भिवानी के तिगड़ाना में खेती और अवैध खनन से 5000 साल पुराना हड़प्पाकालीन टीला 25 से आधा एकड़ रह गया। ग्रामीणों व पंचायत ने उठाई संरक्षण की मांग।
गांव तिगड़ाना का हड़प्पाकालीन ऐतिहासिक टीला पिछले करीब डेढ़ दशक से खेती और मिट्टी के अवैध खनन की चपेट में है। इस दौरान पुरातत्व विभाग प्रभावी संरक्षण नहीं कर सका। हरियाणा सरकार ने 13 मार्च 2025 को अधिसूचना जारी कर तिगड़ाना और मिताथल के हड़प्पाकालीन टीलों को संरक्षित पुरातात्विक स्थल घोषित किया लेकिन तब तक तिगड़ाना का टीला काफी हद तक सिमट चुका था।
पुरातत्व विभाग ने तिगड़ाना के ऐतिहासिक टीले को अपने अधीन लिया हुआ है। इस जगह को संरक्षित करने के लिए सरकार जल्द ही ठोस कदम उठाएगी। इसके प्रयास चल रहे हैं।