बिजनौर में रूह कंपा देने वाला हादसा, लोडर बाइक के एक्सल में दुपट्टा फंसने से महिला की गर्दन धड़ से अलग
बिजनौर में मुरादाबाद रोड पर दर्दनाक हादसा। लोडर बाइक के घूमते एक्सल में दुपट्टा फंसने से महिला की गर्दन धड़ से अलग हो गई और मौके पर ही मौत हो गई।
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में शनिवार दोपहर एक ऐसा खौफनाक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जिसने हर किसी की रूह कंपा दी. थाना कोतवाली शहर क्षेत्र के मुरादाबाद रोड पर रूट्स इंटरनेशनल कॉलेज के पास एक महिला का दुपट्टा लोडर बाइक के घूमते एक्सल (शाफ्ट) में फंस गया. दुपट्टा इतनी तेजी से खिंचा कि महिला के गले में कसता चला गया और पलक झपकते ही उसकी गर्दन धड़ से अलग हो गई. महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान सुमन देवी (50 वर्ष), पत्नी बाबूराम के रूप में हुई है. वह बिजनौर के हल्दौर थाना क्षेत्र की रहने वाली थीं. शनिवार को सुमन देवी अपने बेटे के साथ दवाई लेने के लिए अस्पताल जा रही थीं. वह बाइक के पीछे जुड़े लोडर (रेहड़े) में बैठी हुई थीं. जैसे ही उनकी लोडर बाइक मुरादाबाद रोड पर रूट्स इंटरनेशनल कॉलेज के पास पहुंची, तभी हवा में उड़ रहा सुमन देवी का दुपट्टा नीचे लोडर बाइक के घूमते हुए शाफ्ट/एक्सल की चपेट में आ गया.
संभलने का भी नहीं मिला मौका, मौके पर ही तोड़ा दम
जैसे ही दुपट्टा चलते वाहन के एक्सल में लिपटा, वह बड़ी तेजी से अंदर की ओर खिंच गया. इससे पहले कि महिला या उनका बेटा कुछ समझ पाते या गाड़ी रोक पाते, दुपट्टे ने महिला का गला पूरी तरह से जकड़ लिया. झटके के साथ हुए इस हादसे में महिला की गर्दन धड़ से कटकर अलग हो गई.
हादसा इतना वीभत्स था कि वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए और सड़क पर चीख-पुकार मच गई. दोपहर करीब 2 बजे घटना की सूचना मिलते ही थाना कोतवाली शहर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की.
जरा सी लापरवाही पड़ गई जिंदगी पर भारी
प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण ढीले कपड़े और दुपट्टे का चलते वाहन के खुले एक्सल में उलझना माना जा रहा है. यह दर्दनाक घटना इस बात की चेतावनी है कि दोपहिया या लोडर वाहनों पर बैठते समय दुपट्टे, साड़ी या ढीले कपड़ों को लेकर जरा सी भी लापरवाही कितनी जानलेवा साबित हो सकती है. दवाई लेने निकलीं सुमन देवी के परिवार पर इस अचानक हुए हादसे से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.