राव इंद्रजीत सिंह के समर्थन में आए कुलदीप बिश्नोई, बोले- ‘वरिष्ठ नेताओं का सम्मान जरूरी’
राव इंद्रजीत सिंह के नाराजगी जताने के बाद कुलदीप बिश्नोई उनके समर्थन में आए। बोले- वरिष्ठों के सम्मान से ही मजबूत होगी भाजपा।
हरियाणा : BJP के गुरुग्राम से MP राव इंद्रजीत सिंह गुरुग्राम में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के प्रोग्राम के तरीके पर सबके सामने सवाल उठाने के एक दिन बाद, शनिवार को पार्टी के सीनियर नेता और पूर्व MP कुलदीप बिश्नोई उनके सपोर्ट में सामने आए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि युवा पीढ़ी के लिए मौके बनाते समय सीनियर नेताओं के अनुभव का सम्मान किया जाना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा था- मुझे प्रोग्राम का निमंत्रण नहीं दिया गया
शुक्रवार को गुरुग्राम में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के BJP के प्रोग्राम में बोलते हुए राव इंद्रजीत सिंह ने लोकल नेताओं को इवेंट से बाहर रखने पर नाराज़गी जताई थी और कहा था कि उन्हें इस बात पर एतराज़ है कि देश भर से लोगों को इवेंट के लिए बुलाया गया था, जबकि लोकल नेताओं को नहीं बुलाया गया था। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के सामने राव इंद्रजीत सिंह ने कहा था कि उन्हें विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम का निमंत्रण नहीं दिया गया। भाषण देने वालों में भी उनका नाम नहीं था। लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष के समान में वह यहां आए।
“सीनियर्स का सम्मान और नई पीढ़ी के लिए मौके, दोनों साथ-साथ चलने चाहिए”
कुलदीप बिश्नोई ने राव इंद्रजीत सिंह सिंह का सपोर्ट करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा, “BJP एक मज़बूत संगठन है, और इसकी ताकत सीनियर लीडरशिप के अनुभव और युवा लीडरशिप की एनर्जी के बीच बेहतर तालमेल में है। सीनियर्स का सम्मान और नई पीढ़ी के लिए मौके, दोनों साथ-साथ चलने चाहिए।”
वरिष्ठ नेताओं के राजनीतिक कद को कम नहीं करना चाहिए
कुलदीप बिश्नोई ने आगे कहा कि केंद्रीय मंत्री एवं अहीरवाल के दिग्गज नेता राव इंद्रजीत सिंह जी देश और हरियाणा की राजनीति के अत्यंत वरिष्ठ, अनुभवी और सम्मानित नेता हैं। हरियाणा में भाजपा सरकार के गठन, पार्टी के विस्तार और संगठन को मजबूत करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनका कहना है कि मेरा स्पष्ट मानना है कि किसी भी राजनीतिक दल की वास्तविक मजबूती इस बात से भी तय होती है कि वह अपने वरिष्ठ नेताओं, उनके संघर्ष, अनुभव और योगदान को कितना सम्मान देता है। संगठन में नई पीढ़ी को आगे बढ़ाना, नए चेहरों को अवसर देना और दूसरी-तीसरी पंक्ति का नेतृत्व तैयार करना आवश्यक है, लेकिन इसका अर्थ कभी भी अपने वरिष्ठ नेताओं के राजनीतिक कद को कम करना या उन्हें उपेक्षित महसूस कराना नहीं होना चाहिए।
वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी करने से BJP कमज़ोर होगी
कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं का दशकों का राजनीतिक अनुभव पार्टी की अमूल्य पूंजी होता है। उन्होंने अनेक उतार-चढ़ाव देखे होते हैं, कठिन परिस्थितियों में संगठन को संभाला होता है और जनता के बीच लंबे संघर्ष से अपना स्थान बनाया होता है। पार्टी को उनके इस अनुभव और जनाधार का भरपूर लाभ उठाना चाहिए। वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी या उनके सम्मान को लेकर किसी भी प्रकार का गलत संदेश जाना अंततः संगठन को मजबूत नहीं, बल्कि कमजोर करता है।
बिश्नोई ने कहा कि राव इंद्रजीत सिंह जी का हरियाणा की राजनीति में बहुत बड़ा कद है और व्यापक जनाधार एवं सम्मान है। मैं व्यक्तिगत रूप से राव साहब का मन से बहुत सम्मान करता हूँ। उनका लंबा राजनीतिक अनुभव, संघर्ष और प्रदेश के प्रति योगदान हम सभी के लिए आदरणीय है।भाजपा एक मजबूत संगठन है और इसकी शक्ति वरिष्ठ नेतृत्व के अनुभव तथा युवा नेतृत्व की ऊर्जा के बेहतर समन्वय में है। वरिष्ठों का सम्मान और नई पीढ़ी को अवसर—दोनों साथ-साथ चलें, तभी संगठन और अधिक मजबूत होगा।