नोएडा जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही, सिक्योरिटी गार्ड और स्टाफ नर्स पर गिरी गाज
सेक्टर-39 जिला अस्पताल में नर्स के कहने पर गार्ड द्वारा सिरिंज में दवा भरने का वीडियो वायरल। CMS ने दोनों को नौकरी से हटाया।
नोएडा सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में नर्स के कहने पर सुरक्षा गार्ड का सिरिंज में दवा भरते वीडियो वायरल हुआ। अस्पताल प्रबंधन ने वीडियो का संज्ञान लेकर गार्ड और नर्स को नौकरी से निकाल दिया। दोनों एजेंसी के माध्यम से तैनात किए गए थे।
जिला अस्पताल का वायरल वीडियो 14 अगस्त की रात का है, जिसमें एक गार्ड सिरिंज में दवा भरते दिख रहा है। बगल में ही एक नर्स भी है। पांचवें फ्लोर पर तैनात सुरक्षा गार्ड स्टाफ नर्स के सामने दवा भर रहा है, लेकिन नर्स सिरिंज में दवा भरने से उसे मना नहीं कर रही। इस दिन मेडिकल वार्ड में भर्ती मरीजों की देखभाल के लिए स्टाफ नर्स रिचा कुमारी और सुरक्षा व्यवस्था के लिए गार्ड सुनील की ड्यूटी लगी थी।
आरोप है कि स्टाफ नर्स ने गार्ड सुनील को मरीजों को इंजेक्शन लगाने के लिए कई खाली सिरिंज देकर भरने के लिए कहा। यह भी बताया जा रहा है कि नर्स ने कहा कि वह यह काम पांच मिनट में कर दे। गार्ड नर्सिंग स्टेशन पर बैठ कर दवा भरने लगा। वीडियो में स्पष्ट रूप से गार्ड द्वारा सिरिंज में दवा भरते और दवा भरी हुई कई सिरिंज दिख रही हैं। इस वीडियो को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री कार्यालय और महानिदेशक स्वास्थ्य विभाग को टैग किया गया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार झा ने वीडियो का संज्ञान लेकर दोनों को नौकरी से निकाल दिया। इस बारे में पत्र भी जारी किया है। दोनों निजी एजेंसी के माध्यम से जिला अस्पताल में काम कर रहे थे। जिला अस्पताल प्रबंधन ने एजेंसी को भी नोटिस जारी किया है।
डॉ. अशोक कुमार झा ने कहा कि वीडियो को संज्ञान में लेकर संबंधित कर्मियों से पूछताछ के बाद नौकरी से हटा दिया गया है। इसकी जानकारी शासन को भी दे दी गई है।
जिला अस्पताल में पहले भी कई विवाद सामने आ चुके
जिला अस्पताल समेत अन्य सरकारी चिकित्सकीय संस्थानों में घूस लेने सहित कई वीडियो वायरल हुए हैं, जिन पर कार्रवाई भी हुई। पिछले साल ही मेडिकल प्रमाणपत्र बनाकर देने के लिए हजारों रुपये मांगने का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद दो स्वास्थ्य कर्मियों को हटा दिया गया था। इसी तरह ऑपरेशन, इलाज आदि कराने के लिए राशि लेने के आरोप भी अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों पर लगते रहे हैं। इसके साथ ही पिछले तीन सालों में अस्पताल में अवैध तरीके से हुए टेंडर आदि की जांच भी चल रही है। कई जांच में तत्कालीन सीएमएस को दोषी भी माना गया है। आगे की कार्रवाई की तैयारी भी शासन कर रहा है। नियमों के विरुद्ध अस्पताल में 17 नर्स और लैब टेक्निशियन की भर्ती की भी जांच चल रही है।