YEIDA Board Meeting: यीडा बोर्ड बैठक में बड़े फैसले, यमुना सिटी में बनेगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और ताइवान सिटी
यीडा बोर्ड बैठक में यमुना सिटी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, ताइवान सिटी और किसानों के मुआवजे में 6% बढ़ोतरी को मंजूरी।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की 92वीं बोर्ड बैठक सोमवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस उच्चस्तरीय बैठक में यमुना सिटी के इंफ्रास्ट्रक्चर और समग्र विकास से जुड़े कई ऐतिहासिक निर्णयों पर मुहर लगाई गई।
बैठक में जहां एक ओर क्षेत्र के किसानों के लिए भूमि मुआवजे की दरों में 6 प्रतिशत की वृद्धि की गई, वहीं दूसरी ओर यमुना सिटी को वैश्विक स्तर पर चमकाने के लिए कई मेगा प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई।
🏏 यमुना सिटी में बनेगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम: सिंगापुर और जापान मॉडल पर विकसित होगी ताइवान सिटी
खेल और औद्योगिक विकास से जुड़ी प्रमुख योजनाएं:
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इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम: बोर्ड ने यमुना सिटी में एक भव्य अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है, जिससे यह क्षेत्र खेल पर्यटन (Sports Tourism) के एक बड़े केंद्र के रूप में उभरेगा।
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ताइवान सिटी को मंजूरी: सिंगापुर और जापान सिटी की तर्ज पर यमुना सिटी में ‘ताइवान सिटी’ विकसित करने के प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनने वाली यह सिटी क्षेत्र में भारी विदेशी निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।
💰 किसानों के लिए खुशखबरी: भूमि मुआवजे में 6 फीसदी की बढ़ोतरी, अब मिलेगा ₹4,558 प्रति वर्ग मीटर
कृषि भूमि क्रय दर में संशोधन का विवरण:
“प्राधिकरण ने किसानों के आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए सहमति से ली जाने वाली भूमि की दरों में 6 प्रतिशत का इजाफा किया है। पहले यह मुआवजा दर 4,300 रुपये प्रति वर्ग मीटर थी, जिसे अब बढ़ाकर 4,558 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है। इस फैसले से किसानों को उनकी जमीन का बेहतर और उचित मूल्य मिल सकेगा।”
🏡 भूमि अधिग्रहण के लिए किसानों को मिले 2 विकल्प: 7% आबादी भूखंड का भी प्रावधान
किसानों के लिए उपलब्ध कराए गए दो प्रमुख विकल्प:
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विकल्प 1 (सीधा नकद मुआवजा): किसान अपनी भूमि को प्राधिकरण द्वारा बढ़ाई गई नई दर 4,558 रुपये प्रति वर्ग मीटर पर सीधे क्रय करवा सकते हैं।
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विकल्प 2 (मुआवजा + भूखंड): दूसरे विकल्प के तहत किसानों को 4,037 रुपये प्रति वर्ग मीटर का मुआवजा दिया जाएगा और इसके साथ ही उन्हें 7 प्रतिशत विकसित आबादी भूखंड प्रदान किए जाएंगे, जिससे उन्हें आवासीय लाभ भी मिलेगा।