भिवानी में पटवारियों और कानूनगो की दो दिवसीय हड़ताल, रजिस्ट्री-जाति प्रमाण पत्र का काम अटका

भिवानी में दी रेवन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन ने 20 और 21 अगस्त को दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल शुरू की है। जानिए पटवारियों की मुख्य मांगें।

भिवानी। जिले भर में पटवारियों और कानूनगो ने 20 अगस्त 2026 को दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल शुरू की। यह हड़ताल लघु सचिवालय के बाहर मुख्य गेट पर धरने के साथ आरंभ हुई। दी रेवन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर यह हड़ताल की गई है।

पटवारियों और कानूनगो की हड़ताल 20 अगस्त को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक जारी रही। 21 अगस्त को भी यह धरना सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक जारी रहेगा। भिवानी तहसील सहित बहल, लोहारू, तोशाम, सिवानी और बवानीखेड़ा में कामकाज प्रभावित हुआ। रिहायशी प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक कार्य रुक गए।
भूमि का इंतकाल, जमाबंदी और पैमाइश संबंधी रिपोर्ट भी नहीं बन पाई। गिरदावरी रिपोर्ट के लिए भी लोगों को भटकना पड़ा। भिवानी तहसील कार्यालय में भूमि की रजिस्ट्री कराने आए लोगों को भी दिक्कत हुई।

पटवारियों की प्रमुख मांगें
हरियाणा पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन के राज्य उप प्रधान विकास राठी ने सरकार से मांगें रखीं। उन्होंने नए पोर्टल की सभी समस्याओं का 21 अगस्त तक समाधान करने को कहा। ऑटो म्यूटेशन और तकनीकी रिकॉर्ड की गलतियों की कानूनी जिम्मेदारी आईटी विभाग तय करे। तहसीलों में कंप्यूटर सिस्टम और ऑनलाइन सर्वे के लिए उच्च गुणवत्ता वाले टैब उपलब्ध हों।

अन्य मांगें और समर्थन
एसोसिएशन ने नए पोर्टल को कानूनी मान्यता देने के लिए संशोधित लैंड रिकॉर्ड मैनुअल जारी करने की मांग की। डिजिटल क्रॉप सर्वे को अन्य राज्यों की तर्ज पर निजी एजेंसियों से करवाने की बात कही गई। मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान सुमेर कानूनगो ने की और मंच संचालन पूर्व जिला प्रधान सुनील कौशिक ने किया। सर्व कर्मचारी संघ के पूर्व कोषाध्यक्ष सुदर्शन सरोहा, जिला प्रधान सुमेर आर्य, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र और राजकुमार ने भी धरने को संबोधित कर समर्थन दिया।
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