राहुल गांधी के मनुस्मृति वाले बयान पर गरमाई राजनीति, भाजपा नेत्री नाजिया इलाही खान ने उठाए सवाल

सुप्रीम कोर्ट की वकील और भाजपा नेत्री नाजिया इलाही खान ने राहुल गांधी के मनुस्मृति पर दिए गए बयान और बैकग्राउंड में नेताओं की तस्वीर के इस्तेमाल पर आपत्ति जताते हुए शिकायत दर्ज कराई है।

अपने बयानों की वजह से अक्सर चर्चा में रहने वाली सुप्रीम कोर्ट की वकील और भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की सदस्य नाजिया इलाही खान ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मनुस्मृति पर दिए गए बयानों को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। गांधी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए खान ने कहा कि उन्होंने इस प्राचीन ग्रंथ के कुछ हिस्सों को चुनकर और उन्हें गलत तरीके से पेश करके इसे बदनाम किया है।

साथ ही अपनी शिकायत में उन्होंने मनुस्मृति पर दिए अपने बयानों के दौरान बैकग्राउंड में प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख की तस्वीर के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने इसे पूरी तरह से लोगों को गुमराह करने वाला बताया। इसे राहुल गांधी की ओछी राजनीति बताते हुए उन्होंने इसके लिए उन पर FIR दर्ज करने की मांग की है।

‘गलत व्याख्या कर रहे राहुल गांधी’

इस बारे में एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए नाजिया इलाही ने कहा, ‘सबकी अपनी-अपनी विचारधारा हो सकती है, पर वो एक ऐसी किताब ‘मनुस्मृति’ पर बात कर रहे हैं, जो शायद भारत में बैन हो चुकी है। शब्दों से खेलकर और गलत व्याख्या करके वो एक छवि बनाने की कोशिश कर रहे हैं कि हिंदू धर्म में और सनातन में महिलाओं की कोई इज्जत नहीं है और उन्हें कोई आजादी नहीं दी गई है। हालांकि उनके पास अभिव्यक्ति की आजादी है, मौलिक अधिकार है,लेकिन उन्होंने बैकग्राउंड में आदरणीय प्रधानमंत्री की तस्वीर क्यों लगाई है, आदरणीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर क्यों लगाई है, उन्होंने मोहन भागवत जी की तस्वीर क्यों लगाई है। क्या इन तीनों ने कभी भी कहीं किसी बयान में देश में दोबारा मनुस्मृति को लागू करने की बात कही है।’

‘पूरा देश संविधान से चल रहा, आप मनुस्मृति की बात क्यों कर रहे’

नाजिया ने आगे कहा, ‘देश की सरकार संविधान से चल रही है, लोकतंत्र का मंदिर संविधान से चल रहा है, पूरा का पूरा देश संविधान से चल रहा है, और संविधान को छोड़कर राहुल गांधी अपनी मनमर्जी से मनुस्मृति की बात करके, शब्दों से खेलकर, कुछ भी व्याख्या करके, कुछ भी गलतफहमी पैदा करके, सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए वो कुछ भी बोल रहे हैं, तो क्या हम जैसे वकील सामने नहीं आएंगे, हम तो उनसे पूछेंगे ना कि आप अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन आप अपनी लोकप्रियता के लिए इन तीनों की तस्वीर क्यों इस्तेमाल कर रहे हैं।’

‘आप बस हिंदू धर्म को बदनाम करना चाहते हैं’

इलाही ने आगे पूछा, क्या राहुल गांधी जी को तब पैट्रियाकी समझ नहीं आती है जब मुस्लिमों में ट्रिपल तलाक, बहु विवाह और हलाला होता है। उन्होंने कहा कि पॉलिगैमी और हलाला बैन करने के लिए 2019 में मैंने देश के सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका लगाई थी। राहुल पर हमला जारी रखते हुए इलाही ने कहा उनको बस किसी ना किसी तरीके से सनातन धर्म को, हिंदू धर्म को आघात पहुंचाना है, बदनाम करना है।’

‘टुच्ची हरकतों के लिए तीनों की तस्वीर नहीं लगा सकते’

नाजिया ने आगे कहा, ‘राहुल गांधी साहब अगर आपको सनातन धर्म को डेरोगेटरी रिमार्क देना है, और शब्दों से खेल करके अध्यायों और उच्चारणों का गलत ट्रांसलेशन बताना है, तो बताइए, लेकिन आप देश के प्रधानमंत्री की तस्वीर अपने ओछेपन के लिए और अपने टुच्ची हरकतों के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। आप एक राज्य के मुख्यमंत्री और आरएसएस के संचालक की तस्वीर को आप अपनी ओछी राजनीति के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं।’

भाजपा नेता ने कहा, ‘मैंने साफ शब्दों अपनी शिकायत में BNS की धाराएं भी उसमें लिखी हैं, मुझे FIR करना है, FIR के बाद मैं आगे की प्रक्रिया जो है वो बिल्कुल कानूनी तरीके से करूंगी क्योंकि मुझे पता है कि देश की न्यायपालिका उनसे जवाब जरूर मांगेगी, कि आपने अपनी बातों में इन तीनों की तस्वीरों को क्यों इस्तेमाल किया।’

छात्रों की गूंज कार्यक्रम में दिया था ‘मनुस्मृति’ पर बयान

इससे पहले, 22 अगस्त को गांधी ने पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान मनुस्मृति का जिक्र करते हुए कहा था कि महिलाओं को पिता, पति या बेटों के साथ उनके रिश्तों से परिभाषित नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि वह खुद के अलावा किसी और की नहीं होतीं।

सभा को संबोधित करते हुए गांधी ने मनुस्मृति से जुड़ी एक बात का हवाला दिया था और कहा था कि, ‘मनुस्मृति कहती है कि बचपन में महिला अपने पिता की होती है। जवानी में वह अपने पति की होती है। जब उसका पति मर जाता है, तो वह अपने बेटों की होती है। महिला को कभी भी स्वतंत्र नहीं होना चाहिए। यह मनुस्मृति का सीधा उद्धरण है, और ये शब्द शर्मनाक हैं, क्योंकि ये शब्द कभी नहीं कहे जाने चाहिए थे।’

उन्होंने आगे कहा था, ‘आपकी अपनी पहचान है, आप किसी और की नहीं हैं।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी महिला की पहचान सिर्फ बेटी, पत्नी या मां होने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। गांधी ने कहा कि महिलाओं को अपनी पहचान खुद तय करने का अधिकार है और उन्हें पारिवारिक रिश्तों के आधार पर किसी दूसरे व्यक्ति की संपत्ति या किसी और से जुड़ी हुई नहीं माना जाना चाहिए।

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