पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला का बड़ा बयान, कहा- सरकार विफलताओं का ठीकरा दूसरों पर न फोड़े
जींद दौरे पर पहुंचे दुष्यंत चौटाला ने महंगाई, कम बारिश से परेशान किसानों, कर्मचारी हड़तालों और विधानसभा सत्र को लेकर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है।
जींद: हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री और जननायक जनता पार्टीके नेता दुष्यंत चौटाला ने बढ़ती महंगाई, कर्मचारियों की हड़ताल, किसानों की समस्याओं और विधानसभा सत्र को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला. जींद जिले के दौरे के दौरान दुष्यंत ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि, “सरकार को आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति छोड़कर प्रदेश की समस्याओं का समाधान करना चाहिए.”
चीनी के दाम पर सरकार को घेरा: दुष्यंत चौटाला ने बढ़ती महंगाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि, “रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं.अटल बिहारी वाजपेयी जी को चीनी के दाम दो रुपए बढ़ने पर संसद में जवाब देना पड़ा था, लेकिन आज 20 से 25 रुपए तक चीनी के दाम बढ़ने पर भी सरकार चुप बैठी है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में गिरावट के बावजूद गैस, पेट्रोल और डीजल के दामों में राहत नहीं दी जा रही है. महंगाई का सीधा असर आम परिवारों के बजट पर पड़ रहा है.”
कम बारिश से किसान चिंतित: दुष्यंत चौटाला ने किसानों की स्थिति पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि, “इस बार प्रदेश में बारिश कम होने के कारण किसानों को फसल उत्पादन प्रभावित होने की आशंका सता रही है. ऐसे समय में सरकार को किसानों की समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए. कम बारिश के कारण किसानों को फसल के कम उत्पादन की चिंता है. सरकार को इस स्थिति को लेकर गंभीरता से कदम उठाने चाहिए.”
हड़तालों को लेकर CM पर निशाना: पूर्व डिप्टी सीएम ने प्रदेश में चल रही कर्मचारी हड़तालों को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर सवाल उठाते हुए कहा कि, “सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, जबकि पटवारी और कानूनगो भी आंदोलन कर रहे हैं. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पास प्रदेश की जनता की समस्याएं और कर्मचारियों की मांगें सुनने का समय क्यों नहीं है? सरकार बातचीत के बजाय टकराव का रास्ता अपना रही है. कई शहरों में पुलिस के पहरे में कचरा उठाने की स्थिति बन गई है.”
गुरुग्राम की जलभराव समस्या पर सवाल: दुष्यंत चौटाला ने गुरुग्राम में बारिश के बाद जलभराव की समस्या को लेकर भी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि, “गुरुग्राम प्रदेश के राजस्व में बड़ा योगदान देता है, लेकिन थोड़ी बारिश में ही शहर की व्यवस्थाएं चरमरा जाती हैं. प्रदेश का 70 प्रतिशत राजस्व एकत्रित करने वाले जिला गुरुग्राम के थोड़ी देर की बरसात में ही हाल बेहाल हो जाते हैं, इसके लिए कौन जिम्मेदार है?”
“विफलताओं का ठीकरा दूसरों पर न फोड़ें”: दुष्यंत ने मुख्यमंत्री से अपनी प्राथमिकताएं बदलने की अपील की. उन्होंने कहा कि, “मुख्यमंत्री को पूर्व सरकारों को कोसने की बजाय वर्तमान समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए.मुख्यमंत्री सुबह-शाम पूर्व सरकारों को कोसने की बजाय प्रदेश के खराब हालात पर ध्यान दें और अपनी विफलताओं का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने की बजाय समस्या का समाधान करें.”
विधानसभा सत्र को लेकर भाजपा पर हमला: मानसून सत्र को लेकर दुष्यंत चौटाला ने भाजपा सरकार पर विधानसभा और संसद की गरिमा को कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि, “लोकतंत्र में चर्चा और बहस बेहद जरूरी है. जब तक चर्चा नहीं होगी, तब तक सुझाव नहीं आएंगे और सुझाव नहीं आएंगे तो देश आगे नहीं बढ़ेगा. पिछले कुछ वर्षों में विधानसभा सत्रों को देखकर लगता है कि भाजपा लोकतंत्र को चर्चा से दूर करती जा रही है.”
3206 JBT शिक्षकों के मुद्दे पर भी बोले: 3206 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती को लेकर पूछे गए सवाल पर दुष्यंत चौटाला ने हाईकोर्ट के फैसले का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि, “यदि सरकार को भर्ती में किसी तरह की गड़बड़ी लगती है तो वह सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकती है. अगर मुख्यमंत्री के पेट में इतना ही दर्द हो रहा है तो वे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चले जाएं, उनकी सरकार है. हाईकोर्ट ने 3206 जेबीटी शिक्षकों को नौकरी और रिटायरमेंट के लाभ दिए हैं. पंजाब की तर्ज पर हरियाणा में भी जॉब सिक्योरिटी कानून बनाए जाएं.”
बता दें कि जींद दौरे से पहले दुष्यंत चौटाला और अन्य वरिष्ठ जेजेपी नेताओं ने जुलाना और नरवाना में बूथ लेवल एजेंट-2 के साथ बैठक की. इस दौरान एसआईआर और संगठन को मजबूत करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.