नोएडा में बिजली कटौती पर लगेगी लगाम, 20 सेक्टरों-सोसाइटियों में RMU सिस्टम शुरू
230 करोड़ रुपये की योजना से सुधरेगी बिजली आपूर्ति, मार्च 2027 तक सभी स्थानों पर RMU लगाने का लक्ष्य
न्यूज डेस्क। नोएडा। राजेश/विवेक। नोएडावासियों के लिए बिजली आपूर्ति के लिहाज से राहत की खबर है। शहर में बिजली कटौती और फीडर फॉल्ट के कारण होने वाली परेशानी को कम करने के लिए विद्युत निगम की ओर से स्वचालित रिंग मेन यूनिट (RMU) लगाने का काम तेजी से किया जा रहा है। अब तक करीब 20 आवासीय सेक्टरों और सोसाइटियों में RMU लगाने का कार्य पूरा किया जा चुका है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसी एक फीडर लाइन में तकनीकी खराबी आने पर बिजली आपूर्ति को दूसरी फीडर लाइन पर स्वचालित रूप से ट्रांसफर किया जा सकेगा। इससे उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति बहाल होने के लिए मैन्युअल स्विचिंग का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
सेक्टर-20 से शुरू हुआ था पायलट प्रोजेक्ट
विद्युत निगम ने कुछ महीने पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सेक्टर-20 के बिजली उपकेंद्र पर RMU लगाने का काम शुरू किया था। अधिकारियों के अनुसार यहां इसका ट्रायल सफल रहने के बाद शहर के अन्य बिजली उपकेंद्रों और फीडरों पर भी इस तकनीक को लागू करने का निर्णय लिया गया।
RMU तकनीक के माध्यम से बिजली नेटवर्क में फीडर की स्थिति को नियंत्रित करने और आपूर्ति को दूसरे उपलब्ध फीडर पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया अधिक तेज और स्वचालित हो जाती है।
20 सेक्टरों में काम पूरा
विद्युत निगम के अनुसार सेक्टर-22, 23, 33, चौड़ा, 38, 39, 40, एनएसईजेड, 82, 93, 93बी, 99, 100 सहित करीब 20 आवासीय सेक्टरों, गांवों और औद्योगिक क्षेत्रों में RMU लगाने का कार्य पूरा हो चुका है।
अधिकारियों का कहना है कि इन क्षेत्रों में रहने वाले 40 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिल सकेगा।
4.75 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा
विद्युत निगम के क्षेत्र में जिले में करीब 4.75 लाख उपभोक्ता हैं। इन्हें लगभग 125 बिजली उपकेंद्रों और करीब 2,000 फीडरों के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जाती है।
योजना के तहत इन बिजली उपकेंद्रों के फीडरों पर भी RMU लगाए जाने हैं। अधिकारियों के अनुसार इससे फीडर स्तर पर होने वाली तकनीकी खराबी का असर कम समय तक रहेगा और वैकल्पिक फीडर से आपूर्ति बहाल करने में मदद मिलेगी।
230 करोड़ रुपये का फंड जारी
इस पूरी योजना के लिए बिजली फीडरों पर RMU लगाने के उद्देश्य से करीब 230 करोड़ रुपये का फंड जारी किया गया है। आवासीय क्षेत्रों में लगभग 1,700 RMU लगाए जाने हैं, जिनमें से करीब 140 RMU लगाए जा चुके हैं।
विद्युत निगम का लक्ष्य मार्च 2027 तक निर्धारित क्षेत्रों में RMU लगाने का कार्य पूरा करना है।
क्या होगा फायदा?
नई व्यवस्था लागू होने के बाद यदि किसी फीडर में खराबी आती है तो उपलब्ध वैकल्पिक फीडर से बिजली आपूर्ति को जल्द बहाल किया जा सकेगा। इससे विशेष रूप से उन इलाकों को फायदा मिलेगा जहां फीडर फॉल्ट के कारण लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है।
हालांकि RMU व्यवस्था का उद्देश्य आपूर्ति को अधिक विश्वसनीय बनाना है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि किसी भी परिस्थिति में बिजली कटौती पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। बड़े तकनीकी फॉल्ट, रखरखाव या अन्य परिस्थितियों में आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
अधिकारी ने क्या कहा?
विवेक कुमार पटेल, अधीक्षण अभियंता (तकनीकी), विद्युत निगम ने बताया कि नई तकनीक के माध्यम से उपभोक्ताओं को अधिक निर्बाध और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति देने का प्रयास किया जा रहा है। योजना के तहत सेक्टरों और सोसाइटियों में RMU लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है और इसे सभी निर्धारित क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा।