Noida Illegal Power Connections: छिजारसी के डूब क्षेत्र में चल रहे 13 हजार से ज्यादा अवैध बिजली कनेक्शन, सालाना 780 करोड़ का राजस्व नुकसान
नोएडा के डूब क्षेत्र में 13 हजार से अधिक अवैध बिजली कनेक्शन मिलने पर शासन ने सख्त रुख अपनाया है। बिजली निगम ने अभियान चलाकर 3 हजार कनेक्शन काटे।
नोएडा में छिजारसी गांव के डूब क्षेत्र में 13 हजार से अधिक अवैध बिजली कनेक्शन हैं। इनसे करोड़ों रुपये की उगाही कॉलोनियों के ठेकेदार और लाइनमैन कर रहे हैं। इसका खुलासा स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन उत्तर प्रदेश की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी गई है। इसके बाद इसकी जांच शुरू हो गई।
छिजारसी गांव समेत अन्य डूब क्षेत्र में अवैध बिजली कनेक्शन और उगाही की शिकायत लखनऊ में की गई थी। स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की जांच में शिकायत सही पाई गई। स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने इसकी रिपोर्ट रखी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन आशीष गोयल से जवाब-तलब किया। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को लापरवाही के लिए फटकार भी लगाई। दरअसल, जिले के डूब क्षेत्र की 40 से अधिक कॉलोनियों में करोड़ों रुपये की बिजली चोरी हो रही है। अगर एक कनेक्शन से भी उपभोक्ता औसतन पांच हजार रुपये की बिजली का उपभोग करता है तो 13 हजार अवैध बिजली कनेक्शन से महीने में 65 करोड़ रुपये हर माह राजस्व का नुकसान हो रहा। सालाना यह नुकसान करीब 780 करोड़ रुपये का है।
लखनऊ से आई टीम ने की थी जांच
मामले में शिकायत के बाद लखनऊ की एक एजेंसी की टीम नोएडा में जांच के लिए आई थी। उसने गोपनीय जांच कर रिपोर्ट शासन स्तर पर दी। रिपोर्ट में कई अहम खुलासे करते हुए आरोप लगाए गए हैं। गोपनीय जांच को लेकर बिजली निगम के अधिकारियों में भी नाराजगी है।
कनेक्शन देने के नाम पर 30 हजार तक लिए जा रहे
डूब क्षेत्र में चोटपुर, छिजारसी, बहलोलपुर, सोरखा, कुलेसरा, हल्दौनी आदि कॉलोनियां आती हैं। विद्युत निगम के अधिकारियों के अनुसार इन कॉलोनियों में 70 हजार से अधिक परिवार रहते हैं। उपभोक्ताओं ने बताया कि बिजली अधिकारियों ने कॉलोनियों में ठेकेदार नियुक्त किए हुए हैं। ये ठेकेदार ही लोगों से बिजली के बिल की वूसली करते हैं। अवैध बिजली कनेक्शन देने के लिए 25 से 30 हजार रुपये वसूले जा रहे। डूब क्षेत्र में कुछ खंभों की दूरी पर 10 और 25 केवी के बिजली ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। अगर ट्रांसफार्मर फुंक जाते हैं तो भुगतान लोगों से लिया जाता है।
इन तरीकों से बिजली चोरी हो रही
डूब क्षेत्रों में विद्युत निगम की लाइनों से अवैध कटिया जोड़कर बिजली चोरी की जा रही। इसी तरह प्राधिकरण के स्ट्रीट पोल से तार जोड़कर बिजली का उपयोग किया जा रहा। आरोप यह भी है कि डूब क्षेत्र में नलकूप के नाम पर कनेक्शन लेकर उससे भी बिजली की आपूर्ति की जा रही है। लोगों का कहना है कि झुग्गी-झोपड़ियों में कनेक्शन दिए जा रहे, लेकिन घनी आबादी वाले डूब क्षेत्र के पक्के मकानों की कॉलोनियों में प्री-पेड मीटर पर भी कनेक्शन नहीं दिए जा रहे। सोरखा निवासी अभिषेक कुमार और राहुल सिंह का आरोप है कि विद्युत निगम ने बिजली चोरी कराने के लिए ठेकेदार छोड़ा हुआ है। अगर कोई मासिक शुल्क नहीं देता तो बाजार से मीटर लाकर लगाया जा रहा। दस रुपये यूनिट की दर से बिल वसूला जा रहा।
एसके जैन, मुख्य अभियंता, विद्युत निगम, ”डूब क्षेत्र में कनेक्शन के लिए प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है। अब मुख्यालय और शासन स्तर से निर्णय होना है। बिजली चोरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही। डूब क्षेत्र में बिजली चोरी रोकने पर लोग धरना-प्रदर्शन करने लगते हैं। कई बार अभियंता और कर्मचरियों के साथ मारपीट तक हो चुकी है।”
अभियान चलाकर 3,000 से अधिक कनेक्शन काटे
विद्युत निगम की संयुक्त टीम ने शनिवार को छिजारसी और चोटपुर गांव की कॉलोनियों में अभियान चलाकर तीन हजार से अधिक बिजली कनेक्शन काटे। इसके साथ ही एलटी (लो टेंशन) और 11 केवी के तार भी जब्त किए गए। बिजली चोरी करते मिलने पर 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई।
दरअसल, डूब क्षेत्र में बिजली चोरी के खेल की लखनऊ में शिकायत की गई। इसके बाद लखनऊ की एक एजेंसी की टीम नोएडा में जांच के लिए आई और उसने स्थानीय बिजली निगम के अधिकारियों को साथ लिए बिना ही गोपनीय जांच कर रिपोर्ट तैयार कर शासन स्तर पर दी थी। इसके बाद जिले के अभियंताओं ने शनिवार को बड़े स्तर पर कार्रवाई की। अब बताया जा रहा कि रविवार को भी बड़े स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
इस वजह से हुई कार्रवाई
विद्युत निगम के अधिकारियों के अनुसार छिजारसी और चोटपुर कॉलोनी में सेक्टर-63 के जी ब्लॉक के फीडर नंबर छह से बिजली आपूर्ति होती है। इस फीडर लाइन पर लाइन लॉस भी अधिक आ रहा है। इस वजह से अभियान चलाया गया।