कहां पर सोसाइटी में उल्लू का आतंक छाया, एक हफ्ते में पांच लोगों को बनाया निशाना
उल्लू के हमलों से दहशत। एक हफ्ते में पांच लोग घायल।
सोसाइटियों में कुत्ते और बिल्ली के काटने के मामले आए दिन सामने आते हैं, लेकिन अब उल्लू ने भी लोगों पर हमला बोल दिया है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ला रेजिडेंशिया सोसाइटी में एक हफ्ते के अंदर पांच लोग उल्लू के हमले में घायल हो चुके हैं। रात में हुई इन घटनाओं से यहां के लोग दहशत में हैं।
ला रेजिडेंशिया के लोगों ने बताया कि सोसाइटी परिसर में रात के समय अचानक उल्लू ऊपर से आता है और किसी व्यक्ति के सिर या शरीर पर चोंच मारकर उड़ जाता है। हमला इतना अचानक होता है कि लोगों को संभलने का मौका नहीं मिलता। लोग रात में पार्किंग, लॉबी और परिसर के अन्य हिस्सों में आने-जाने में डरने लगे हैं। सोसाइटी निवासी बिनॉय के साथ भी गुरुवार रात ऐसी ही घटना हुई।
बिनॉय ने बताया कि वह अपनी कार पार्किंग में खड़ी करने के बाद लॉबी की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान पीछे की ओर से अचानक उल्लू आया और उनके सिर पर चोंच मारकर उड़ गया। हमले में उनके सिर पर चोट आई। उन्होंने अस्पताल जाकर प्राथमिक उपचार कराया। एक सप्ताह में अमितेश, राजा, उनका परिवार, हर्ष और पुनीत पर उल्लू हमला कर चुके।
सोसाइटी निवासी सुमिल जलोटा का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से उल्लू लोगों पर हमला कर रहे हैं। इससे लोग डरे हुए हैं। हमारी मांग है कि वन विभाग तत्काल सुरक्षित तरीके से उल्लू को पकड़कर उसे उचित प्राकृतिक स्थान पर छोड़े।लोगों का कहना है कि उल्लू के हमलों का कोई निश्चित स्थान नहीं है। पार्किंग से लॉबी की तरफ जाने, परिसर में टहलने या किसी काम से बाहर निकलने के दौरान वह लोगों पर हमला कर रहा है। रात के समय अकेले आने-जाने वाले लोग आसपास देखकर आगे बढ़ते हैं।
लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग उल्लू को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उसे उसके अनुकूल स्थान पर छोड़े, ताकि लोगों को राहत मिले। सोसाइटी के लोगों का कहना है कि रात में बाहर निकलते वक्त डर लगा रहता है कि उल्लू आकर हमला न कर दे। बच्चों और बुजुर्गों को लेकर भी परिवार चिंतित हैं।
बिल्डर प्रबंधन और प्राधिकरण से शिकायत
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद लोगों ने बिल्डर प्रबंधन, प्राधिकरण और वन विभाग से इस बारे में शिकायत की। लोगों ने मांग की है कि उल्लू को पकड़ने के लिए विशेषज्ञ टीम भेजी जाए और उसे बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए। यदि समय रहते पहल नहीं की गई तो किसी को गंभीर चोट लग सकती है।
इस तरह का यह पहला मामला
जिला वन अधिकारी रजनीकांत मित्तल का कहना है कि सोसाइटी में लोगों पर उल्लू के हमले की घटना उनके संज्ञान में नहीं है। आमतौर पर उल्लू किसी व्यक्ति पर हमला नहीं करता। इस तरह का यह पहला मामला है। विभाग की टीम को सोसाइटी में भेजकर दिखवाया जाएगा, ताकि स्थिति साफ हो सके।