Greater Noida Kisan Andolan: किसान संघर्ष मोर्चा का प्राधिकरण दफ्तर पर धरना तीसरे दिन भी जारी, 10% विकसित भूखंड की मांग
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर किसानों का धरना तीसरे दिन भी जारी। 10% विकसित भूखंड और अन्य मांगों पर अड़े किसान।
ग्रेटर नोएडा में किसान संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर के बाहर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन तीसरे दिन भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहा। शुक्रवार को धरना स्थल पर भारी संख्या में पहुंची महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हुंकार भरी। जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों ने दो टूक शब्दों में कहा कि वे अपने हक का 10 प्रतिशत विकसित भूखंड लेकर रहेंगे और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
📢 2. डॉ. रूपेश वर्मा और सुखबीर खलीफा का बयान—अधिकारी जनता के सेवक हैं मालिक नहीं, पुलिस प्रशासन पर डराने का लगाया आरोप
अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष डॉ. रूपेश वर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण धरना देना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। हाईकोर्ट की टिप्पणियों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अधिकारी जनता के सेवक हैं, मालिक नहीं। वहीं, किसान नेता सुखबीर खलीफा ने रोष जताते हुए कहा कि जिन जमीनों पर यह पूरा शहर आबाद हुआ है, आज उन्हीं मूल किसानों के हक छीने जा रहे हैं और गांवों में फ्लैग मार्च निकालकर किसानों को डराने का प्रयास किया जा रहा है, जिसकी मोर्चा कड़ी निंदा करता है।
📜 3. 10 फीसदी भूखंड और आबादी के निस्तारण को लेकर किसान वचनबद्ध, विभिन्न वक्ताओं ने दिया आंदोलन को समर्थन
धरने की अध्यक्षता शांति देवी ने की जबकि संचालन किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने किया। इस दौरान सोरन प्रधान ने स्पष्ट किया कि किसान संघर्ष मोर्चा 10 प्रतिशत भूखंड, आबादियों के संपूर्ण निस्तारण और नए कानून के तहत 20 प्रतिशत भूखंड लागू करवाने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। धरने को उदल आर्य, भूपेंद्र तोमर, अशोक भाटी और महेंद्र एडवोकेट समेत कई प्रमुख नेताओं ने संबोधित किया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे।