32 वोटों से हार के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई, 25 सितंबर को होगी अगली पेशी
उचाना विधानसभा चुनाव परिणाम विवाद पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई। 25 सितंबर को होगी अगली तारीख।
चंडीगढ़ : हरियाणा के उचाना विधानसभा क्षेत्र के चुनाव परिणाम को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर रामप्रसाद और असिस्टेंट बैलेट पेपर अधिकारी अशोक कुमार के बयान दर्ज किए गए। यह चुनाव याचिका पूर्व सांसद एवं कांग्रेस प्रत्याशी बृजेंद्र सिंह की ओर से दायर की गई है। मामले में हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 25 सितंबर की तारीख निर्धारित की है।
अक्टूबर 2024 में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में उचाना सीट पर मुकाबला बेहद करीबी रहा था। बृजेंद्र सिंह महज 32 वोटों के अंतर से चुनाव हार गए थे। चुनाव प्रक्रिया के दौरान कुल 1,377 डाक मत प्राप्त हुए थे, जिनमें से 215 डाक मतों को रिटर्निंग ऑफिसर ने अमान्य घोषित कर दिया था। शेष 1,158 डाक मतों में से 636 वोट बृजेंद्र सिंह के पक्ष में पड़े थे।
सीसीटीवी फुटेज मंगाने की मांग
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अदालत के समक्ष काउंटिंग सेंटर की सीसीटीवी फुटेज मंगवाने की मांग रखी गई। याचिकाकर्ता के वकील का कहना था कि फुटेज के माध्यम से मतगणना की प्रक्रिया की जांच की जा सकती है। इसके अलावा तत्कालीन रिटर्निंग ऑफिसर विवेक आर्य को दोबारा अदालत में बुलाकर उनके बयान बृजेंद्र सिंह के चुनाव एजेंट की मौजूदगी में दर्ज कराने का आग्रह भी किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर रामप्रसाद तथा असिस्टेंट बैलेट पेपर अधिकारी अशोक कुमार के बयान दर्ज किए गए। अब अदालत में आगे की सुनवाई 25 सितंबर को होगी।
215 अमान्य डाक मतों पर टिका मामला
बृजेंद्र सिंह ने उचाना विधानसभा चुनाव के परिणाम को चुनौती देते हुए चुनाव याचिका दायर की थी। जुलाई में हाईकोर्ट ने उन्हें चुनाव याचिका में संशोधन की अनुमति दी थी। संशोधन के बाद अब याचिका का दायरा मुख्य रूप से 215 अस्वीकृत डाक मतों की दोबारा जांच की मांग तक सीमित हो गया है।
हाईकोर्ट के समक्ष यह भी स्पष्ट हुआ कि याचिकाकर्ता ने चुनाव परिणाम को चुनौती देने के अन्य आधारों को छोड़ते हुए फिलहाल मतगणना से जुड़े पहलू पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। इसका उद्देश्य मामले की सुनवाई को केंद्रित रखते हुए उसे जल्द निपटाने की दिशा में आगे बढ़ना है।
32 वोटों की हार ने बढ़ाया विवाद
उचाना सीट पर केवल 32 वोटों के अंतर से आए चुनाव परिणाम के कारण 215 अमान्य घोषित डाक मत महत्वपूर्ण हो गए हैं। याचिका में इन्हीं मतों की प्रक्रिया और वैधता की दोबारा जांच का मुद्दा उठाया गया है। हाईकोर्ट में अधिकारियों के बयान दर्ज होने के बाद अब आगामी सुनवाई में इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर सुनवाई आगे बढ़ेगी।