नोएडा के डूब क्षेत्र में बिजली-पानी की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू, सुखबीर खलीफा बैठे धरने पर

नोएडा के सेक्टर-63 डूब क्षेत्र में बिजली-पानी की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू। भारतीय किसान परिषद के अध्यक्ष सुखबीर खलीफा बैठे धरने पर।

नोएडा के सेक्टर-63 क्षेत्र स्थित डूब क्षेत्र में बिजली और पानी की मांग को लेकर पिछले 13 दिनों से चल रहा धरना अब आमरण अनशन में बदल गया है. पर्थला गांव के पास चल रहे प्रदर्शन में बिजली विभाग के अधिकारियों और स्थानीय लोगों के बीच कई घंटे तक वार्ता हुई, लेकिन बिजली कनेक्शन को लेकर कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी. वार्ता विफल होने के बाद भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान करते हुए खुद भी आमरण अनशन शुरू कर दिया.

बताया जा रहा है कि अब कुल 31 लोग आमरण अनशन पर बैठे हैं. इनमें 23 महिलाएं और 8 पुरुष शामिल हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक बिजली और पानी की समस्या का लिखित एवं स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

बिजली कनेक्शन काटे जाने के बाद बढ़ा विवाद

यह पूरा मामला नोएडा के हिंडन डूब क्षेत्र में बिजली चोरी और अनधिकृत कनेक्शन के खिलाफ विद्युत निगम की कार्रवाई के बाद गरमाया. छिजारसी, चोटपुर और आसपास के इलाकों में बिजली कनेक्शन काटे जाने के बाद बड़ी संख्या में परिवारों के सामने बिजली का संकट खड़ा हो गया.

विद्युत निगम की जांच में छिजारसी क्षेत्र में 13 हजार से अधिक अवैध कनेक्शन होने की बात सामने आई थी. विभाग की ओर से बिजली चोरी और अनधिकृत कनेक्शन के खिलाफ कार्रवाई की गई. इसके विरोध में स्थानीय लोगों ने नियमित बिजली कनेक्शन और 24 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग उठाई.

विधायक कार्यालय का भी किया था घेराव

बिजली कटौती के विरोध में स्थानीय लोगों ने 1 सितंबर को नोएडा विधायक पंकज सिंह के कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया था. प्रदर्शनकारियों ने नियमित मीटर कनेक्शन देने और बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग रखी थी. हालांकि, आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी समस्या का अभी तक स्थायी समाधान नहीं निकल सका है.

इसके बाद 7 सितंबर को पर्थला गांव में महापंचायत आयोजित की गई. महापंचायत के बाद आंदोलन और तेज हुआ और धरना लगातार जारी रहा. अब 13वें दिन आमरण अनशन शुरू होने से मामला और गंभीर हो गया है. अनशन के दौरान कुछ महिलाओं की तबीयत बिगड़ने की बात भी सामने आई है.

बिजली चोरी को लेकर 23 लोगों पर FIR

बिजली चोरी और अनधिकृत कनेक्शन के मामले में विद्युत निगम की ओर से 3 जेई समेत कुल 23 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है. एफआईआर दर्ज होने के बाद आंदोलनकारियों और विद्युत विभाग के बीच विवाद और बढ़ गया.

वहीं, प्रदर्शनकारियों की ओर से विभाग की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. उनका कहना है कि बड़ी संख्या में परिवार बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं और उन्हें स्थायी समाधान चाहिए.

300 से ज्यादा कनेक्शन देने का विभाग का दावा

दूसरी ओर, विद्युत निगम का कहना है कि डूब क्षेत्र में कार्रवाई केवल कनेक्शन काटने तक सीमित नहीं है. विभाग के अनुसार, 300 से अधिक उपभोक्ताओं को नियमों के तहत बिजली कनेक्शन दिए जाने की जानकारी सामने आई है और पात्र लोगों को कनेक्शन देने की प्रक्रिया जारी है.

विद्युत निगम का तर्क है कि अवैध कनेक्शन और बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है. साथ ही पात्र उपभोक्ताओं को नियमों के अनुसार कनेक्शन उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है.

आंदोलनकारियों का कहना है कि केवल मौखिक आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा. वे बिजली और पानी की व्यवस्था को लेकर लिखित और ठोस समाधान की मांग कर रहे हैं. सुखबीर खलीफा ने भी कहा है कि जब तक प्रभावित लोगों के लिए बिजली और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं होती, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा.

अब प्रशासन और विद्युत विभाग के सामने आंदोलनकारियों के साथ अगली वार्ता में कोई ठोस समाधान निकालने की चुनौती है. फिलहाल डूब क्षेत्र में बिजली-पानी का मुद्दा लगातार तूल पकड़ता जा रहा है.

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