मतदाता सूची पुनरीक्षण में धांधली का आरोप, अखिलेश यादव बोले- टीसीएस कंपनी करवा रही है बेईमानी

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने टीसीएस कंपनी पर भी सवाल उठाए हैं।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि के अवसर पर गोमतीनगर स्थित लोहिया पार्क पहुँचे अखिलेश यादव ने दावा किया कि नौकरशाही और अधिकारी पूरी तरह से बीजेपी के इशारे पर काम कर रहे हैं तथा चुनावों में सुनियोजित तरीके से बेईमानी की जा रही है। उन्होंने आजमगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के बाद बड़े पैमाने पर फर्जी और डबल वोट बनवाए गए हैं, जबकि वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से काटे गए हैं।

💻 ‘TCS कंपनी चुनाव आयोग के साथ मिलकर करवा रही है बेईमानी’: फर्जी फॉर्म और हस्ताक्षर का लगाया आरोप

सपा प्रमुख ने टीसीएस (TCS) कंपनी पर भी बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि यह कंपनी चुनाव आयोग के साथ मिलकर धांधली करवाने में जुटी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में एसआईआर के दौरान समाजवादी पार्टी के समर्थकों के वोट कटवाने के लिए लोगों के फर्जी हस्ताक्षर कराए गए और नियमों को ताक पर रखकर एक-एक व्यक्ति के नाम से 100 से अधिक फॉर्म-7 भरवाए गए, जबकि नियम के अनुसार एक व्यक्ति पांच से ज्यादा फॉर्म नहीं भर सकता। उन्होंने कहा कि इन तमाम गड़बड़ियों के पुख्ता सबूत चुनाव आयोग को सौंपे जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।

⚖️ ‘जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक करेंगे मार्च’: वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के दुरुपयोग पर भी जताई कड़ी आपत्ति

अखिलेश यादव ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वोटर लिस्ट की गड़बड़ियों के खिलाफ पार्टी को हर दरवाजे पर दस्तक देनी होगी और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करना पड़ेगा। उन्होंने उपचुनाव के दौरान सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर गड़बड़ी कराने और महिलाओं के खिलाफ बल प्रयोग करने का भी गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी का इस तरह दुरुपयोग कर रही है, जैसे वे हिटलर की कोई निजी फोर्स हों।

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