गाजियाबाद में शादी रजिस्ट्रेशन के आधे आवेदन हो रहे निरस्त, आधार वेरिफिकेशन में सामने आ रही बड़ी गड़बड़ी
गाजियाबाद में विवाह पंजीकरण के दौरान आधार वेरिफिकेशन में गड़बड़ी के चलते आधे आवेदन निरस्त। दिल्ली-हरियाणा के आधार कार्ड की जांच में आ रही दिक्कतें।
गाजियाबाद। गाजियाबाद में शादी का आधिकारिक पंजीकरण कराने पहुँच रहे आवेदकों के आधे से ज्यादा आवेदन निरस्त किए जा रहे हैं। विभागीय पड़ताल में इसकी सबसे मुख्य वजह पहचान पत्र के सत्यापन में आ रही तकनीकी और कागजी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। विशेष रूप से दिल्ली और पड़ोसी राज्य हरियाणा से जुड़े पहचान दस्तावेजों के आधार पर आवेदन करने वाले कई नवविवाहित जोड़ों के कागजात जांच के दौरान सही नहीं पाए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में उनके विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया को तुरंत रोक कर आवेदन खारिज किया जा रहा है।
🔍 नए नियमों के तहत अनिवार्य हुआ सत्यापन: पिछले छह महीनों में 200 से अधिक आवेदन हुए रद्द
विवाह पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए दस्तावेजों के सख्त सत्यापन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। 1 अप्रैल 2026 से लागू हुए नए दिशानिर्देशों के तहत पहचान नंबर का ऑनलाइन सत्यापन पूरा होने के बाद ही पंजीकरण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक महीने में आए कुल 60 आवेदनों में से 30 को खारिज कर दिया गया, जो कि कुल आवेदनों का लगभग 50 प्रतिशत है। वहीं, पिछले छह महीनों की बात करें तो 200 से अधिक आवेदनों को निरस्त किया जा चुका है।
⚠️ दिल्ली और हरियाणा से जुड़े मामलों में ज्यादा आ रही दिक्कत: प्रशासन ने बरतने को कहा सतर्कता
विवाह पंजीकरण के मामलों में अक्सर वर या वधू में से एक पक्ष गाजियाबाद का होता है, जबकि दूसरा पक्ष दिल्ली या हरियाणा का रहने वाला होता है। सत्यापन के दौरान इन्हीं बाहरी जिलों व राज्यों से बने पहचान पत्रों की प्रविष्टियों में मिलान न होने के कारण सबसे ज्यादा आवेदन निरस्त हो रहे हैं। इस पूरे विषय पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि नए नियम लागू होने के बाद विवाह पंजीकरण में पूरी पारदर्शिता और कड़ाई बरती जा रही है। उन्होंने आवेदकों से अपील की है कि वे आवेदन करने से पहले अपने सभी पहचान दस्तावेजों और विवरणों की जांच भली-भांति कर लें।