नोएडा में हैरान करने वाला मामला, फर्जी बुकिंग और अनचाही कॉल्स से घर में कैद रहने को मजबूर परिवार
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अरिहंत आर्डेन सोसायटी में एक परिवार पिछले ढाई महीने से फर्जी ऑनलाइन ऑर्डर और साइबर उत्पीड़न से परेशान है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित लोकप्रिय अरिहंत आर्डेन (Arihant Arden) सोसायटी से साइबर उत्पीड़न का एक बेहद अजीब और परेशान करने वाला मामला सामने आया है। यहां फ्लैट में रहने वाली पूजा सिन्हा का आरोप है कि उनका पूरा परिवार पिछले ढाई महीने से फर्जी ऑनलाइन ऑर्डर, अनचाहे कॉल्स और वित्तीय धोखाधड़ी के जाल में फंसा हुआ है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि परिवार को अपने ही घर के अंदर कैदियों जैसी जिंदगी बिताने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पीड़िता के मुताबिक, उनके पते पर रोज करीब 20 डिलीवरी एजेंट ऐसे सामान और खाने के ऑर्डर लेकर पहुंचते हैं, जिन्हें उन्होंने कभी बुक ही नहीं किया होता।
🛑 सिम कार्ड बदलने और शहर से बाहर जाने पर भी जारी रहा सिलसिला: पुलिस और साइबर सेल से लगाई मदद की गुहार
पीड़ित परिवार ने इस मानसिक प्रताड़ना से बचने के लिए अपने मोबाइल नंबर और सिम कार्ड तक बदल दिए, लेकिन इसके बावजूद फर्जी ऑर्डर और संदिग्ध कॉल्स का आना बंद नहीं हुआ। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि अमेजन पे (Amazon Pay) के जरिए उनकी बिना अनुमति के पैसे काटे जा रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि जब परिवार नोएडा से बाहर गया, तब भी उनके नाम पर फर्जी ऑर्डर भेजे जाते रहे। घर में छोटे बच्चे और डायलिसिस पर चल रहे बुजुर्ग ससुर की मौजूदगी के कारण स्थिति और भी डरावनी हो गई है। परिवार ने सोशल मीडिया के माध्यम से यूपी पुलिस, नोएडा पुलिस और साइबर सेल से इस डिजिटल उत्पीड़न के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है, और पुलिस तकनीकी जांच में जुटी है।