जातिवाद और क्षेत्रवाद देश की प्रतिरोधक क्षमता को करते हैं कमजोर: सरदार पटेल की जयंती पर बोले सीएम योगी

राष्ट्रीय एकता दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जातिवाद और क्षेत्रवाद समाज की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर करते हैं। जिन्ना को आदर्श मानने वाले सरदार पटेल के अनुयायी नहीं हो सकते।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर पर समाज को बांटने वाली ताकतों पर जोरदार प्रहार किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब देश और समाज जाति, क्षेत्र व भाषा के नाम पर बंटता है और कमजोर होता है, तब राष्ट्रीय एकता को सबसे बड़ा खतरा पैदा होता है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जिस प्रकार शरीर की प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) समाप्त होने पर बीमारियां घेर लेती हैं, ठीक उसी तरह जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद वे बीमारियां हैं जो समाज की आंतरिक ताकत को कमजोर कर आक्रांताओं और विभाजनकारी ताकतों को आमंत्रित करती हैं। लौह पुरुष का सच्चा अनुयायी वही हो सकता है जो भारत की एकता और सुरक्षा को सर्वोपरि रखता है।

🚫 ‘जिन्ना को आदर्श मानने वाले पटेल के अनुयायी नहीं हो सकते’

मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जो लोग जिन्ना को अपना आदर्श मानते हैं और समाज में विभाजन की दीवारें खड़ी करते हैं, वे कभी भी सरदार वल्लभ भाई पटेल के सच्चे अनुयायी नहीं हो सकते।

लौह पुरुष की 151वीं जयंती पर आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने राजधानी लखनऊ स्थित जीपीओ पार्क पहुंचकर सरदार पटेल की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ की शपथ दिलाई।

📜 ‘प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद-370 को हमेशा के लिए दफन किया’

अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने कांग्रेस पार्टी और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर भी तीखे राजनीतिक हमले किए:

  • अनुच्छेद-370 का जिक्र: मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भारत के हिस्से वाले कश्मीर में अनुच्छेद-370 लागू कर दिया था, जिसका विरोध बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने भी किया था, लेकिन यह बड़ा ऐतिहासिक पाप कांग्रेस पार्टी ने किया था।

  • ऐतिहासिक कदम: उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने अनुच्छेद-370 को सदैव के लिए दफन कर दिया और आज कश्मीर भी देश के अन्य राज्यों की तरह पूरी तरह भारत का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने चेताया कि आज भी कुछ ताकतें राष्ट्रीय एकता के समक्ष नई चुनौतियां पेश करने और संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने के प्रयास कर रही हैं, जिनसे देश की जनता को हमेशा सतर्क रहना होगा।

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