ग्रेटर नोएडा के पीएनबी बैंक में 10 करोड़ का बड़ा फर्जीवाड़ा; महिला कर्मी और उसके प्रेमी ने तोड़ी 49 एफडी, सीबीआई जांच शुरू
ग्रेटर नोएडा के पीएनबी बैंक में 10.24 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े में महिला कर्मी दीपांशी और उसके प्रेमी आशुतोष की संलिप्तता सामने आई है। 49 एफडी तोड़कर गबन किया गया है।
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा में हुए करोड़ों रुपये के चर्चित फर्जीवाड़े में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इस पूरे घोटाले के पीछे कथित तौर पर एक प्रेमी-प्रेमिका की शातिर जोड़ी की भूमिका मुख्य रूप से सामने आई है। आरोप है कि बैंक की महिला कर्मचारी दीपांशी ने अपने प्रेमी आशुतोष पाठक के साथ मिलकर इस सुनियोजित फर्जीवाड़े की साजिश रची और मिलकर बैंक के खाताधारकों के करोड़ों रुपये का गबन कर लिया। फिलहाल सीबीआई और स्थानीय पुलिस मुख्य आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
💻 सीबीएस यूजर आईडी का दुरुपयोग: ऐसे रची गई करोड़ों की हेराफेरी की साजिश
पीएनबी के उच्च अधिकारियों के मुताबिक, बैंक में ऑफिस असिस्टेंट के पद पर कार्यरत दीपांशी ने इस पूरे फर्जीवाड़े का ताना-बाना बुना:
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यूजर आईडी का गलत इस्तेमाल: दीपांशी ने बैंक के छह अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की सीबीएस (Core Banking System) यूजर आईडी और पासवर्ड का अवैध रूप से इस्तेमाल किया।
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प्रेमी को फायदा: अपने प्रेमी आशुतोष पाठक को आर्थिक लाभ पहुँचाने की नीयत से उसने बैंक में उसका नया खाता खुलवाया और फिर विभिन्न ग्राहकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की भारी-भरकम रकम उसके खाते में ट्रांसफर करनी शुरू कर दी।
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पूछताछ में खुलासे: बैंक की आंतरिक पूछताछ के दौरान दीपांशी ने कथित तौर पर यह स्वीकार किया था कि उसने आशुतोष के कहने पर ही बिना किसी अनुमति के ग्राहकों के खातों से पैसे ट्रांसफर किए और पकड़े जाने के डर से फर्जीवाड़े से जुड़े तमाम वाउचर व दस्तावेज भी नष्ट कर दिए थे।
💸 49 एफडी तोड़कर 7 अलग-अलग खातों के जरिए की गई 10.24 करोड़ की हेराफेरी
पंजाब नेशनल बैंक की शुरुआती और विस्तृत जांच में यह भयानक सच सामने आया है कि इस बड़े घोटाले को किस तरह अंजाम दिया गया:
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49 एफडी का टूटना: मुख्य आरोपी दीपांशी ने कुल 49 ग्राहकों की एफडी को समय से पहले तोड़ दिया।
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रूटिंग और ट्रांसफर: इन एफडी की लगभग 10 करोड़ 24 लाख रुपये की कुल रकम पहले 7 अलग-अलग खातों में भेजी गई। इसके बाद यह रकम मुख्य रूप से आरोपी आशुतोष पाठक के खाते में ट्रांसफर कर निकाली गई।
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मनी ट्रेल: जांच में यह भी पता चला कि ग्राहकों के खातों से निकाली गई रकम सीधे आशुतोष के खाते में भेजने के अलावा, प्रदीप कुमार, मेमबंती देवी, प्रियंका कुमारी, शांति देवी, शालिनी और सरोज देवी के खातों के जरिए घुमाकर वापस आशुतोष तक पहुंचाई जाती थी, जिसमें से कुछ हिस्सा निकाल भी लिया गया।
✊ बैंक के बाहर किसानों और खाताधारकों का आक्रोश, अनिश्चितकालीन धरना जारी
इस बड़े वित्तीय घोटाले के सामने आने के बाद से क्षेत्र के किसानों और आम खाताधारकों में भारी आक्रोश व्याप्त है:
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धरना-प्रदर्शन: बैंक शाखा के बाहर किसान संगठनों और पीड़ित खाताधारकों का भारी विरोध-प्रदर्शन और धरना लगातार जारी है।
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किसानों की दो टूक चेतावनी: आंदोलनकारी किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक बैंक के एक-एक खाताधारकों के डूबे हुए पैसे वापस नहीं लौट आ जाते, तब तक उनका यह धरना और विरोध प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा। इस धरने में बड़ी संख्या में महिला खाताधारक भी शामिल हैं। बढ़ते दबाव को देखते हुए बैंक प्रबंधन ने अब खाताधारकों के पैसे वापस लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जबकि सीबीआई की औपचारिक जांच शुरू होने के बाद इस मामले में कई अन्य बड़े चेहरों और खुलासे होने की उम्मीद है।