राजस्थान से मथुरा आ रही बोलेरो पिकअप से 25 क्विंटल मिलावटी पनीर बरामद, कीमत ₹5 लाख से अधिक

मथुरा के कोसीकलां में खाद्य सुरक्षा विभाग ने 2500 किलो संदिग्ध पनीर पकड़ा। राजस्थान से आ रही खेप को मौके पर नष्ट किया गया। जानें पूरी कार्रवाई।

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में दीपावली के पावन पर्व से ठीक पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिले के कोसीकलां इलाके में विभाग ने छापेमारी कर 2500 किलोग्राम (25 क्विंटल) भारी मात्रा में संदिग्ध और मिलावटी पनीर की खेप पकड़ी है। जनस्वास्थ्य की रक्षा और लोगों की सेहत से खिलवाड़ रोकने के लिए खाद्य विभाग की टीम ने पकड़े गए पूरे पनीर को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट करवा दिया। नष्ट किए गए इस अमानक पनीर की कुल अनुमानित बाजार कीमत करीब 5 लाख 5 हजार रुपए आंकी गई है।

🌙 रात के डेढ़ बजे NH-19 बठैन गेट चौकी के पास हुई चेकिंग; कामां से आ रही थी गाड़ी

कार्रवाई का पूरा घटनाक्रम:

  • आदेश और नेतृत्व: आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश तथा जिलाधिकारी मथुरा के सख्त निर्देशों के अनुपालन में, 6 नवंबर की रात करीब 1:30 बजे सहायक आयुक्त खाद्य डॉ. जतिन कुमार सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने स्थानीय पुलिस बल के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) स्थित बठैन गेट पुलिस चौकी के समीप सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया।

  • पिकअप वाहन की जब्ती: इसी चेकिंग के दौरान राजस्थान के कामां से आ रही एक बोलेरो पिकअप गाड़ी (संख्या UP85CT4449) को रोककर जब्ती व निरीक्षण किया गया।

  • चालक के बयान: वाहन चालक सलीम ने पूछताछ में बताया कि गाड़ी में कामां स्थित एक पनीर निर्माण डेयरी से बिक्री के लिए लगभग 2500 किलो पनीर लाया जा रहा था, परंतु चालक पनीर की खरीद-बिक्री से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या बिल पेश नहीं कर सका और उसके संतोषजनक जवाब न देने पर टीम का संदेह पुख्ता हो गया।

🧪 गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर लिए गए नमूने; राजकीय प्रयोगशाला भेजी गई रिपोर्ट

जांच और प्रयोगशाला प्रक्रिया:

  • गुणवत्ता की जांच: मौके पर मौजूद खाद्य विशेषज्ञों और अधिकारियों ने पनीर की प्राथमिक गुणवत्ता की जांच की, जिसमें उसकी शुद्धता अत्यधिक संदिग्ध पाई गई।

  • सैंपलिंग और विध्वंस: इसके बाद खाद्य विभाग की टीम ने गुणवत्ता परीक्षण के लिए पनीर के दो आधिकारिक नमूने (सैंपल) लेकर राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेज दिए। लैब से विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित डेयरी संचालकों व कारोबारियों के खिलाफ आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

  • सम्मानित टीम: इस सफल और सराहनीय कार्रवाई को अंजाम देने वाली खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम में मुख्य रूप से खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिनेश भारती, धर्मेंद्र सिंह और जितेंद्र सिंह शामिल रहे।

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