Mission Punjab 2027: पंजाब में नायब सैनी का ‘केसरिया’ कार्ड; 8 दौरों और पंजाबी भाषणों से क्या OBC वोट बैंक साधेगी भाजपा?

हरियाणा सीएम नायब सैनी पंजाब की राजनीति में फ्रंट फेस बनकर उभरे हैं। पिछले 8 दौरों में केसरिया पगड़ी और पंजाबी भाषा के जरिए उन्होंने 'खून के रिश्ते' का दांव चला है। फरवरी 2027 के पंजाब चुनाव से पहले भाजपा की OBC और गैर-सिख वोटरों को जोड़ने की क्या है रणनीति?

चंडीगढ़: हरियाणा CM नायब सैनी पंजाब में लगातार एक्टिव नजर आ रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में वह पंजाब में 8 दौरे कर चुके हैं। इस दौरान वह अकसर केसरिया पगड़ी में ही नजर आए। इस बार सीएम आवास पर लोहड़ी के पर्व पर भी पंजाब के नेताओं को आमंत्रित किया गया था।

सिख पंथ में केसरिया (भगवा) रंग साहस, बलिदान और त्याग का प्रतीक माना जाता है। सिख इतिहास में योद्धाओं ने धर्म और न्याय की रक्षा के लिए संघर्ष किया, इसलिए यह रंग वीरता से जुड़ा है। गुरु तेग बहादुर व गुरु गोबिंद सिंह के बलिदान को केसरिया रंग से जोड़ा जाता है।1699 में गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की। खालसा का ध्वज (निशान साहिब) केसरिया रंग का होता है, जो धर्म की रक्षा और एकता का प्रतीक है। बता दें कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया है।

पंजाब में विधानसभा का कार्यकाल फरवरी 2027 तक का है। उससे पहले चुनाव हैं। ऐसे में भाजपा अपना फोकस बढ़ा रही है। अभी तक सीएम नायब सैनी पंजाब में फ्रंट फेस बने हुए हैं। भाजपा वहां OBC और गैर सिख वोटरों पर ध्यान केंद्रित किए है। पंजाब में अपने भाषणों में सैनी पंजाबी बोलते हैं। पंजाब के बड़ा भाई बताते हैं और खून का रिश्ता बताते हैं।

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