Ghaziabad Loni Crime News: निठोरा अंडरपास के पास एनकाउंटर में बदमाश सचिन के पैर में लगी गोली, तमंचा और आभूषण बरामद
गाजियाबाद के लोनी में पुलिस मुठभेड़ के दौरान शातिर नकबजन सचिन घायल अवस्था में गिरफ्तार। कब्जे से 50 लाख के सोने-चांदी के आभूषण बरामद।
गाजियाबाद: थाना लोनी पुलिस ने नकबजनी की वारदात में वांछित चल रहे एक शातिर बदमाश को पुलिस मुठभेड़ (Encounter) के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है।
मुठभेड़ के बाद आरोपी के कब्जे से अवैध तमंचा, खोखा व जिंदा कारतूस के अलावा करीब 50 लाख रुपये कीमत के चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। पैर में गोली लगने से घायल बदमाश को इलाज के लिए तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
🏍️ निठोरा अंडरपास के पास हुई मुठभेड़: पुलिस को देखकर भागने लगा था आरोपी
घटनाक्रम और मुठभेड़ का विवरण:
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चेकिंग अभियान: एसीपी लोनी रामकिशन ने बताया कि बृहस्पतिवार रात पुलिस टीम निठोरा अंडरपास के पास संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी।
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मुखबिर की सूचना: इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि नकबजनी का वांछित आरोपी मोटरसाइकिल पर निठोरा की तरफ आ रहा है।
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फायरिंग की कोशिश: पुलिस ने जब बाइक सवार को रुकने का इशारा किया तो वह भागने लगा। पीछा करने पर आरोपी की मोटरसाइकिल फिसल गई, जिसके बाद उसने पुलिस टीम पर सीधे जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी।
💥 पुलिस की आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई: आरोपी सचिन के पैर में लगी गोली
गिरफ्तारी और पहचान:
“पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली आरोपी के पैर में लगी और वह वहीं गिर पड़ा। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में लेकर इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। पूछताछ में घायल आरोपी ने अपना नाम सचिन पुत्र राजू, निवासी रूपनगर (डबल टंकी के पास), लोनी बताया।”
📜 गिरि मार्केट में 50 लाख की चोरी का खुलासा: एक दर्जन से अधिक मुकदमे हैं दर्ज
आरोपी का आपराधिक इतिहास:
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हालिया वारदात का जुर्म कबूला: पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने लोनी के गिरि मार्केट क्षेत्र में एक मकान का ताला तोड़कर बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।
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विभिन्न थानों में मामले दर्ज: पुलिस के मुताबिक, आरोपी सचिन के खिलाफ कमिश्नरेट गाजियाबाद के अलग-अलग थानों में 12 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
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गंभीर धाराएं: आरोपी पर नकबजनी, चोरी, चोरी का माल बरामदगी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और आबकारी अधिनियम के तहत कई गंभीर मामले दर्ज हैं।