नियमों ताक पर रखकर चलाई जा रही थीं एंबुलेंस, बुलेट बाइकों के चालान और वाहनों पर सख्त कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में सरकारी एंबुलेंस में मरीजों की जगह सवारियां ढोई जा रही थीं। परिवहन विभाग की चेकिंग के दौरान दोनों एंबुलेंस सीज कर दी गई हैं।
उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ जीवन बचाने वाली सरकारी एंबुलेंस का इस्तेमाल मरीजों को अस्पताल पहुँचाने के बजाय सवारियां ढोने के लिए किया जा रहा था। सदर कोतवाली क्षेत्र के देवकली चौकी इलाके में चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान जब परिवहन विभाग की टीम ने दो एंबुलेंस की जाँच की, तो उसमें सवारियां बैठी मिलीं, जिसे देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। एंबुलेंस का मुख्य उद्देश्य आपात स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुँचाना होता है, लेकिन यहाँ नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही थीं।
🔍 एआरटीओ एनसी शर्मा के निर्देश पर सघन चेकिंग अभियान: दो डंपर और मॉडिफाइड साइलेंसर वाली बुलेट बाइक भी जब्त
एआरटीओ (ARTO) एनसी शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि परिवहन आयुक्त के आदेशानुसार जिलेभर में वाहनों के खिलाफ ताबड़तोड़ चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर शिकंजा कसा जा रहा है। चेकिंग के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने दो अनधिकृत डंपर भी पकड़े, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। इसके अलावा, तेज आवाज और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगी दो बुलेट मोटरसाइकिलों के भी भारी चालान काटे गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वाहनों में नियम विरुद्ध फेरबदल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
⚠️ नियम तोड़ने वालों के खिलाफ आगे भी जारी रहेगी सख्त कार्रवाई: औरैया प्रशासन की निगरानी और तेज
परिवहन विभाग की इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब जिले में वाहनों की आवाजाही पर निगरानी और अधिक सख्त कर दी गई है। एआरटीओ एनसी शर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी वाहन को बख्शा नहीं जाएगा और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। एंबुलेंस जैसे इमरजेंसी वाहनों का इस तरह निर्धारित उद्देश्य से अलग उपयोग सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने अन्य स्वास्थ्य और परिवहन वाहनों की भी जाँच के संकेत दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।