Ghaziabad Municipal Corporation: त्योहार से पहले सड़कों को गड्ढामुक्त करने की तैयारी, नगर निगम कराएगा विशेष सर्वे
गाजियाबाद के इंदिरापुरम में अतिरिक्त मुआवजे की भरपाई के लिए जीडीए ने चस्पा किए नोटिस। रीसेल फ्लैट धारकों में असमंजस, 2 लाख लोगों पर असर।
गाजियाबाद में वैशाली के बाद अब जीडीए ने इंदिरापुरम में भी किसानों को दिए जाने वाले अतिरिक्त मुआवजे के लिए प्रतिकर की वसूली को नोटिस चस्पा करने शुरू कर दिए हैं। इसको लेकर लोगों में उहापोह की स्थिति है, क्योंकि मूल आवंटी का पता नहीं है और वर्तमान अधिकांश जगहों पर रीसेल में फ्लैट खरीदने वाले रह रहे हैं। कोर्ट के आदेश के बाद किसानों को बढ़ा हुआ मुआवजा देना है। भरपाई के लिए जीडीए ने आवंटियों से प्रतिकर के रूप में यह रकम वसूलने का फैसला किया है।
बुधवार को इंदिरापुरम के शक्तिखंड-2 में नोटिस चस्पा होने शुरू हुए हैं। शक्तिखंड दो निवासी इंदिरापुरम वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव सुदर्शन अवस्थी का कहना है कि भूखंड सालों पहले जिनके नाम पर आवंटित हुए थे, उन्हीं के नाम पर नोटिस चस्पा किया गया है। अब आवंटी किसी को नहीं पता। अधिकांश भूखंडों पर कई फ्लैट बने हैं, जिनमें वर्तमान में रह रहे लोग परेशान हैं।
मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग
अवस्थी ने कहा कि लोगों ने दो साल पहले बाजार कीमत पर ही फ्लैट या मकान खरीदा है। इसी के हिसाब से स्टांप शुल्क व अन्य भुगतान भी किए हैं। ऐसे में उनसे वसूली करना जायज नहीं। उन्होंने एसोसिएशन के बैनर तले जीडीए वीसी को पत्र भेजा है कि मामले में स्थिति स्पष्ट की जाए और इसके बाद ही नोटिस चस्पा किए जाएं। जीडीए सचिव विवेक मिश्र का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर किसानों को बढ़ा मुआवजा देना है। इसी के लिए मूल आवंटियों से प्रतिकर की वसूली के लिए नोटिस चस्पा किए जा रहे हैं।
2 लाख से अधिक लोगों पर असर पड़ेगा
जीडीए ने इंदिरापुरम के लिए 1986-1989 के बीच 1295 एकड़ जमीन 90 रुपए प्रति वर्ग गज और वैशाली के लिए 453 एकड़ जमीन 50 रुपए प्रति वर्ग गज की दर से अधिग्रहित की थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मुआवजे की दर बढ़ाकर 297 रुपए प्रति वर्ग गज तय की गई है। यह रकम ब्याज और हर्जाने को जोड़कर इंदिरापुरम में 1355 रुपए प्रति वर्गमीटर और वैशाली में 2381 रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से वसूली जानी है। इसका असर दो लाख से अधिक लोगों पर पड़ेगा।
मरम्मत के लिए सड़कों का सर्वे होगा
गाजियाबाद नगर निगम शहर की सभी सड़कों का सर्वे कराएगा। सर्वे के बाद निगम सड़कों की मरम्मत होगी। पैचवर्क के बाद मरम्मत कार्य के टेंडर होंगे। मुख्य अभियंता एनके चौधरी ने बताया शासन ने आदेश दिए हैं कि त्योहार से पहले सड़कों को गड्ढामुक्त कराया जाना है।