GMSH-16 अस्पताल में शुरू हुई बोन मैरो एस्पिरेशन जांच की सुविधा, मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
चंडीगढ़ के जीएमएसएच-16 अस्पताल में बोन मैरो एस्पिरेशन जांच की सुविधा शुरू कर दी गई है। इससे रक्त संबंधी बीमारियों के निदान में मदद मिलेगी।
चंडीगढ़। चंडीगढ़ के सेक्टर-16 स्थित राजकीय बहु-विशेषज्ञता अस्पताल (GMSH-16) में मरीजों की सुविधा के लिए एक और महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवा की शुरुआत कर दी गई है। अब इस अस्पताल में बोन मैरो एस्पिरेशन जांच की सुविधा आसानी से उपलब्ध होगी। अस्पताल की एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला (IPHL) में शुरू हुई इस नई सुविधा से रक्त संबंधी गंभीर बीमारियों की पहचान करने में बहुत मदद मिलेगी। इस अत्याधुनिक सुविधा के शुरू होने से अब मरीजों को खून और अस्थि मज्जा से जुड़ी जांचों के लिए शहर के अन्य बड़े या निजी चिकित्सा केंद्रों पर धक्के खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
🩸 ल्यूकेमिया, एनीमिया और लिम्फोमा जैसी गंभीर बीमारियों के निदान में होगी बेहद मददगार
चिकित्सकीय भाषा में बोन मैरो एस्पिरेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके जरिए अस्थि मज्जा से कोशिकाओं का सुरक्षित नमूना लेकर उसकी सूक्ष्म जांच की जाती है। इस जांच के माध्यम से एनीमिया, पैनसाइटोपीनिया, ल्यूकेमिया, लिम्फोमा और मल्टीपल मायलोमा जैसी जटिल बीमारियों के सटीक निदान में बड़ी सहायता मिलती है। समय पर सही जांच हो जाने से डॉक्टरों को मरीज की शारीरिक स्थिति का सही आकलन करने और उसके आधार पर तुरंत प्रभावी उपचार की योजना बनाने में आसानी होगी।
🔬 पीएम-अभीम योजना के तहत उन्नत हुई लैब, मरीजों को मिलेंगी सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं
अस्पताल की इस जिला प्रयोगशाला को केंद्र सरकार की प्रतिष्ठित ‘प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन’ (PM-ABHIM) योजना के अंतर्गत एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला के रूप में विकसित किया गया था। जून 2025 से कार्यरत इस लैब में अब बोन मैरो एस्पिरेशन जैसी उन्नत सुविधा जुड़ने से इसकी सेवाओं का दायरा और अधिक विस्तृत हो गया है। अस्पताल प्रशासन और पैथोलॉजी विभाग के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस सेवा का मुख्य उद्देश्य आम जनता को पूरी तरह सुलभ, किफायती और उच्च गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।