Karnal News: करनाल में सफाई कर्मचारियों का उग्र प्रदर्शन, कोर्ट मार्ग पर पलटी कूड़े की ट्राली; बदहाल हुआ शहर

करनाल में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से व्यवस्था चरमराई। प्रदर्शनकारियों ने कोर्ट मार्ग पर कचरा फैलाकर जताया रोष। पक्का रोजगार और ₹30,000 वेतन की मांग पर अड़े कर्मचारी।

करनाल : हरियाणा में पिछले कई दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल अब आमजन के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है. करनाल समेत प्रदेश के कई जिलों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. शहर की सड़कों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं. जगह-जगह फैली बदबू और गंदगी से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है. हालात उस समय और ज्यादा बिगड़ गए जब करनाल में हड़ताली कर्मचारियों ने कोर्ट जाने वाले मुख्य मार्ग पर कूड़े से भरी ट्राली पलट दी. इस घटना के बाद आम लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली.

कोर्ट मार्ग पर गंदगी से फूटा लोगों का गुस्सा: दरअसल, सोमवार को प्रदर्शनकारी सफाई कर्मचारियों ने कोर्ट की ओर जाने वाले रास्ते पर कूड़े से भरी ट्राली खाली कर दी. देखते ही देखते सड़क पर चारों तरफ कचरा और शौचालय की गंदगी फैल गई. वहां से गुजरने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. स्थानीय लोगों ने इस कदम को शर्मनाक और गैरजिम्मेदाराना बताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की. एक स्थानीय नागरिक ने कहा कि, “अपनी मांगों को मनवाने के लिए जनता को परेशान करना गलत है. कोर्ट जैसे संवेदनशील इलाके में गंदगी फैलाना बिल्कुल उचित नहीं.”

सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा: अपनी मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. करनाल में कर्मचारियों ने ‘झाड़ू उठाओ’ प्रदर्शन के तहत नगर निगम से लेकर लघु सचिवालय तक रोष मार्च निकाला. हाथों में झाड़ू और बैनर लेकर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्षों से सफाई व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारियों को अब तक स्थायी रोजगार और सम्मानजनक वेतन नहीं मिला है. प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि, “हम वर्षों से शहर की सफाई कर रहे हैं, लेकिन आज भी हमें पक्का रोजगार और उचित वेतन नहीं दिया गया.”

शहरभर में कूड़े के ढेर: हड़ताल का असर अब पूरे शहर में साफ दिखाई देने लगा है. करनाल के प्रमुख बाजारों, गलियों और कॉलोनियों में जगह-जगह कूड़े के ढेर जमा हैं. कई इलाकों में कई दिनों से कचरा नहीं उठाया गया, जिससे बदबू फैल रही है. स्थानीय दुकानदारों और निवासियों का कहना है कि हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. लोगों को डर है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. एक दुकानदार ने कहा कि, “दुकानों के बाहर कूड़ा जमा है. बदबू के कारण ग्राहकों का आना भी कम हो गया है.”

पक्का रोजगार और समान वेतन की मांग पर अड़े कर्मचारी: सफाई कर्मचारियों की मुख्य मांगों में कच्चे कर्मचारियों को तुरंत पक्का करना शामिल है. इसके अलावा कर्मचारी हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत चल रही ठेका प्रथा खत्म करने और कर्मचारियों को विभागीय रोल पर लेने की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी समान काम के बदले समान वेतन और न्यूनतम 30 हजार रुपये मासिक वेतन लागू करने की मांग भी उठा रहे हैं. साथ ही पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने की बात भी आंदोलन का हिस्सा बनी हुई है.

सरकार को दी चेतावनी: प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने सरकार को साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. कर्मचारियों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में प्रदर्शन और उग्र हो सकता है. वहीं दूसरी ओर लगातार बिगड़ती सफाई व्यवस्था से आम जनता की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. अब सभी की नजरें सरकार और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं.

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