NEET-UG टॉपर पांशुल बंसल: हरियाणा के लाल ने 715 अंक पाकर रचा इतिहास

हरियाणा के पांशुल बंसल ने नीट-यूजी परीक्षा में 720 में से 715 अंक हासिल कर टॉप किया। जानें उनकी सफलता का मंत्र और पढ़ाई का तरीका।

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी’ (NEET-UG) का परिणाम घोषित हो चुका है, जिसमें हरियाणा के होनहार छात्र पांशुल बंसल ने इतिहास रचते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है।

हरियाणा के पांशुल बंसल ने नीट-यूजी की परीक्षा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए 720 में से कुल 715 अंक प्राप्त किए हैं। इस बेमिसाल स्कोर के साथ उन्होंने न सिर्फ अपने माता-पिता और गोहाना क्षेत्र का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे प्रदेश का मान पूरे देश में बढ़ाया है।

12वीं की पढ़ाई ग्रेटर कैलाश के समरफील्ड्स स्कूल से तो 10वीं की पढ़ाई डीपीएस फरीदाबाद से की। दोनों कक्षाओं में उन्होंने 94 फीसदी अंक हासिल किए। पांशुल के पिता संजीव कुमार बंसल स्टील उद्यमी तो मां मोनिका बंसल इंडियन एक्सप्रेस में कंपनी सेक्रेटरी हैं। उन्होंने 11वीं कक्षा से ही एलन लाजपतनगर से कोचिंग लेना शुरू की।

करियर को लेकर मम्मी-पापा का नियमित मार्गदर्शन मिलता था
पांशुल ने बताया कि पढ़ाई के साथ करियर को लेकर मम्मी-पापा का नियमित मार्गदर्शन मिलता था। इसी के चलते आठवीं कक्षा से ही साइंस लेने के साथ डाक्टर बनने की ठान ली। फिर साइंस के बेसिक को मजबूत करने पर पूरा ध्यान दिया। नीट में सफलता के लिए खुद पर विश्वास बेहद जरूरी है। इसके लिए टाइम टेबल बनाकर की गई पढ़ाई, पुराने प्रश्नपत्रों को नियमित हल करना जरूरी है।

कोचिंग में एग्जाम रूम के तनाव से पार पाने की कला सीखी। वहीं स्वजनों के साथ कोचिंग में अध्यापकों ने टापिक से जुड़ी शंकाओं का समाधान भी किया। पापा से फिजिक्स तो मां से बाकी विषयों में मदद मिली।

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