US Job Cut: ईरान जंग के बीच ट्रंप का बड़ा एक्शन; विदेश विभाग के 250 अधिकारियों की छुट्टी

ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच विदेश विभाग के 250 अधिकारियों की नौकरी गई। ट्रंप प्रशासन ने 'ईरान संकट' का समाधान न खोज पाने और कॉस्ट कटिंग को बताया मुख्य कारण।

ईरान जंग के बीच अमेरिकी विदेश विभाग के 250 अधिकारियों की नौकरी ले ली गई है. डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने इसको लेकर एक ईमेल जारी किया है. प्रशासन का कहना है कि ये अधिकारी किसी काम के लायक नहीं थे, इसलिए इन्हें पद से हटाया गया है. 28 फरवरी को इजराइल के साथ मिलकर अमेरिका ने ईरान पर अटैक किया था, तब से अमेरिका ईरान के दलदल में फंसा हुआ है. इस छंटनी को ईरान जंग में समाधान न खोज पाने से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि, व्हाइट हाउस या विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से इसको लेकर कुछ नहीं कहा है.

अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट की है. इसमें कहा गया है कि एक हफ्ते में विदेश विभाग से जुड़े 250 अधिकारियों को पद से हटाया गया है. इन अधिकारियों से हाल ही में सरकार ने ईरान जंग का समाधान पूछा था.

ईरान पर समर्थन जुटाने के लिए कहा था

पिछले महीने अमेरिकी विदेश मंत्रालय को व्हाइट हाउस से एक निर्देश भेजा गया था. इस निर्देश में कहा गया था कि सभी दूतावासों के जरिए ईरान पर दुनिया का समर्थन जुटाया जाए. दूतावासों को यह निर्देश भेजा गया था कि आप अपने संपर्कों के जरिए संबंधित देश से ईरान पर प्रतिबंध लगवाएं. हालांकि, किसी भी दूतावास को इसमें बड़ी सफलता नहीं मिली. नाटो कंट्री ने भी इस काम में अमेरिका की सहायता नहीं की.

डोनाल्ड ट्रंप के आने के बाद से अब तक विदेश विभाग के 1000 अधिकारियों की नौकरी ले ली गई है. इसके बदले ट्रंप अपने कारोबारी मित्रों को विदेश विभाग में बड़ा पद सौंप रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान में 100 देशों में ऐसे राजदूत नियुक्त हैं, जिनके पद को सीनेट ने अप्रूव नहीं किया है. इन सभी को ट्रंप के व्यक्तिगत कोटे से अप्रूव किया गया है.

छंटनी को लेकर सवाल क्यों उठ रहे हैं?

जिन अधिकारियों को पद से हटाया गया है, उनमें अधिकांश अधिकारी वरिष्ठ श्रेणी में शामिल हैं. इसको लेकर सवाल भी उठ रहे हैं. वहीं विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट का कहना है कि यह पुनर्गठन की प्रक्रिया का एक हिस्सा है. इससे विदेश नीति पर कोई असर नहीं होने वाला है.

विदेश विभाग का कहना है कि नए सिरे से भर्ती कार्यक्रम को भी चलाया जा रहा है. हमारी कोशिश कॉस्ट कम करने की थी. इसलिए विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पद से हटाया गया है.

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