अंबाला में 304 करोड़ से बनेगा हाईटेक औद्योगिक पार्क, सीएम नायब सैनी ने केंद्र को भेजा प्रस्ताव

हरियाणा के अंबाला आईएमटी में 304.10 करोड़ रुपये की लागत से 108.58 एकड़ में अत्याधुनिक औद्योगिक पार्क बनेगा। सीएम नायब सिंह सैनी के निर्देश पर राज्य सरकार ने केंद्र की 'भव्य' योजना के तहत प्रस्ताव भेजा है।

चंडीगढ़ :  हरियाणा में औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखने की दिशा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का विजन अब अंबाला को प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों में बदलने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। राज्य सरकार केवल उद्योग लगाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि विश्वस्तरीय औद्योगिक अवसंरचना तैयार कर हरियाणा को राष्ट्रीय और वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी सोच का परिणाम है कि अंबाला आईएमटी में 304.10 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक औद्योगिक पार्क विकसित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों पर मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। अब इसे केंद्र सरकार की भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) के तहत अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो 108.58 एकड़ में विकसित होने वाला यह औद्योगिक पार्क उत्तरी हरियाणा के औद्योगिक भविष्य की दिशा तय करेगा।

निवेश से लेकर रोजगार तक, विकास का व्यापक रोडमैप
अंबाला का यह औद्योगिक पार्क केवल एक औद्योगिक क्षेत्र नहीं होगा, बल्कि आधुनिक विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और निर्यात गतिविधियों का समग्र केंद्र बनेगा। इससे बड़े उद्योगों को निवेश के लिए तैयार भूमि मिलेगी, नई विनिर्माण इकाइयों की स्थापना होगी और हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

इसके साथ ही राज्य की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस नीति को और मजबूती मिलेगी तथा घरेलू और विदेशी निवेशकों को अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त औद्योगिक वातावरण उपलब्ध होगा। सरकार का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं बल्कि उद्योगों के लिए ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है जहां स्थापना से लेकर उत्पादन तक हर प्रक्रिया सरल और तेज हो।

डॉ. अमित अग्रवाल की कार्ययोजना से मिलेगा परियोजना को गति
मुख्यमंत्री की औद्योगिक सोच को धरातल पर उतारने में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विभाग ने इस परियोजना को इस प्रकार तैयार किया है कि यह केंद्र सरकार की भव्य योजना की सभी अनिवार्य पात्रता शर्तों पर पूरी तरह खरी उतरती है।

परियोजना में बाधारहित भूमि, मजबूत मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और शीघ्र क्रियान्वयन की क्षमता को विशेष प्राथमिकता दी गई है। यही कारण है कि इसे केंद्र से स्वीकृति मिलने की संभावनाएं भी मजबूत मानी जा रही हैं।

विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा औद्योगिक पार्क
प्रस्तावित औद्योगिक पार्क में उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का समावेश किया गया है।

इसके तहत 256 औद्योगिक प्लॉट, 15 रेडी-बिल्ट फैक्टरी शेड, आधुनिक वेयरहाउस,कॉमन फैसिलिटी सेंटर ,श्रमिक आवास,कौशल विकास केंद्र निर्बाध बिजली एवं जलापूर्ति, कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी), आधुनिक आंतरिक सड़क नेटवर्क, हरित क्षेत्र एवं पर्यावरण अनुकूल अवसंरचना, जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे उद्योगों को स्थापना के बाद अतिरिक्त आधारभूत ढांचा विकसित करने में समय और लागत दोनों की बचत होगी।

केंद्र की 100 औद्योगिक पार्क योजना से जुड़ेगा हरियाणा
यह परियोजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी भव्य योजना का हिस्सा बनने की तैयारी में है। इस योजना के अंतर्गत अगले छह वर्षों में देशभर में लगभग 33,660 करोड़ रुपये की लागत से 100 विश्वस्तरीय औद्योगिक पार्क विकसित किए जाने हैं।
अंबाला परियोजना का क्रियान्वयन एनआईसीडीसी हरियाणा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब प्रोजेक्ट लिमिटेड के माध्यम से किया जाएगा, जो एनआईसीडीसी और एचएसआईआईडीसी का संयुक्त विशेष प्रयोजन वाहन है। इससे परियोजना को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन और समयबद्ध क्रियान्वयन का लाभ मिलेगा।

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