अपार आईडी न बनाने वाले 265 निजी स्कूलों पर लटकी मान्यता रद्द होने की तलवार, 10 अगस्त तक अल्टीमेटम

1 लाख से अधिक छात्रों की APAAR ID न बनाने पर जिले के 265 निजी स्कूलों को अंतिम नोटिस जारी। 10 अगस्त के बाद यू-डायस बंद और मान्यता रद्द करने की कार्रवाई होगी।

नोएडा/ग्रेटर नोएडा: निजी स्कूलों की घोर लापरवाही हजारों विद्यार्थियों की डिजिटल शैक्षणिक पहचान (APAAR ID) पर भारी पड़ रही है।

जिले के 265 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय अब तक अपने 1,07,076 (एक लाख सात हजार क्षेत्र) छात्रों की ‘ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री’ (अपार आईडी) जनरेट नहीं कर सके हैं। बेसिक शिक्षा विभाग (BSA) ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि 10 अगस्त के बाद इन विद्यालयों की मान्यता रद्द करने की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया से ठीक पहले इन सभी स्कूलों का यू-डायस (U-DISE) कोड पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा।

🏫 कई बड़े और नामचीन स्कूल निकले फिसड्डी: जानिए किन विद्यालयों में सबसे ज्यादा काम पेंडिंग

विभाग द्वारा जारी डेटा के अनुसार, जिले के कई नामचीन और बड़े निजी विद्यालय अपार आईडी बनाने के लक्ष्य में काफी पीछे रह गए हैं:

  • दयावती मेमोरियल स्कूल (दादरी): कुल 4,659 छात्रों में से 2,389 छात्रों की आईडी पेंडिंग।

  • विद्या पब्लिक स्कूल (बिसरख): 1,203 छात्रों की आईडी पेंडिंग।

  • हर्ष दीप पब्लिक जूनियर हाई स्कूल: 1,104 छात्रों की आईडी पेंडिंग।

  • शारदा पब्लिक स्कूल: 1,060 छात्रों की आईडी पेंडिंग।

  • अन्य प्रमुख स्कूल: एचएस पब्लिक स्कूल (996), अंजेल पब्लिक स्कूल (989), धर्म सिंह मेमोरियल पब्लिक स्कूल (978), अनुभा ग्लोबल स्कूल (905), बाल उदय मॉडल स्कूल (892) और एसएसवी पब्लिक स्कूल दनकौर (886) में बड़े पैमाने पर काम अधूरा है।

तमाम खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को प्रतिदिन अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी सूचीबद्ध विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को 10 अगस्त को बीईओ कार्यालय में अपने लैपटॉप व प्रभारी के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का आदेश दिया गया है, ताकि मौके पर ही बचा हुआ कार्य पूरा कराया जा सके।

📝 अभिभावकों का सहमति पत्र सुरक्षित रखना अनिवार्य: BSA की चेतावनी

बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने नियमों का सख्त पालन करने के निर्देश जारी किए हैं:

  • पेरेंट्स कंसेंट लेटर: अपार आईडी बनाने से पहले छात्रों के माता-पिता या अभिभावकों से लिखित सहमति पत्र (Consent Form) प्राप्त कर उसे स्कूल रिकॉर्ड में सुरक्षित रखना अनिवार्य है।

  • RTE एक्ट के तहत कार्रवाई: यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा नहीं हुआ या संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला, तो संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE)-2009 तथा शासन के आदेशों के तहत मान्यता समाप्त करने की संस्तुति उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।

💻 क्या है APAAR ID और क्यों है यह महत्वपूर्ण? (NEP-2020)

नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत देश के प्रत्येक छात्र की एक अनूठी और डिजिटल शैक्षणिक पहचान तैयार करने के उद्देश्य से यू-डायस प्लस पोर्टल पर अपार आईडी बनाई जा रही है:

  • डिजिटल लॉकर: यह आईडी छात्र के पूरे शैक्षणिक रिकॉर्ड (मार्कशीट, ट्रांसफर सर्टिफिकेट, डिग्रियां) को डिजिटल रूप से एक ही जगह सुरक्षित रखती है।

  • भविष्य में लाभ: भविष्य में स्कूल बदलने, छात्रवृत्ति (Scholarship), बोर्ड परीक्षा में पंजीकरण तथा उच्च शिक्षा में प्रवेश के समय यह डिजिटल रिकॉर्ड सीधे काम आएगा।

📜 इन 265 प्रमुख निजी स्कूलों को भेजा गया अंतिम कारण बताओ नोटिस

विभाग द्वारा जिन प्रमुख शिक्षण संस्थानों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है, उनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

दयावती मेमोरियल स्कूल (दादरी), विद्या पब्लिक स्कूल, शारदा पब्लिक स्कूल, एसएसवी पब्लिक स्कूल (दनकौर), आरडी मॉडर्न पब्लिक स्कूल, ग्रीन फील्ड तिगरी, सेंट बीएस पब्लिक स्कूल, मैक्सविन पब्लिक स्कूल (जेवर), मदर कॉन्वेंट स्कूल, फ्रॉबेल पब्लिक स्कूल, डीएस पब्लिक स्कूल, आर्य दर्शन पब्लिक स्कूल, वी.पी.एस. पब्लिक स्कूल, न्यू ग्रीन लॉन्स पब्लिक स्कूल, जेबीबीएस ग्लोबल स्कूल, हेरितिज पब्लिक स्कूल, एस.के. इंटरनेशनल स्कूल, आरसीएस मॉडर्न स्कूल, ग्रीन वैली मॉडर्न स्कूल, आर्य दीप पब्लिक स्कूल, सुरभी पब्लिक स्कूल, श्री रामा पब्लिक स्कूल, माउंट विन्सन स्कूल, सेंट करेंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, गोल्डन फ्यूचर पब्लिक स्कूल, विद्या वर्ल्ड स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), एडुकेयर पब्लिक स्कूल, टेक्नोस्फेयर इन्फोटेक पब्लिक स्कूल और ग्रेटर नोएडा पब्लिक स्कूल।

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