उचाना के पेगा गांव के अंकित बिढ़ान बने PU प्रेसिडेंट, पंजाब यूनिवर्सिटी चुनाव में लहराया परचम
पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र परिषद चुनाव में जींद के अंकित बिढ़ान ने जीत दर्ज कर हरियाणा का नाम रोशन किया है। जानिए पूरी सफलता की कहानी।
हरियाणा : जींद जिले के उचाना विधानसभा क्षेत्र के गांव पेगा निवासी अंकित बिढ़ान पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ छात्र परिषद के अध्यक्ष निर्वाचित होकर हरियाणा की छात्र राजनीति के इतिहास में अपना नाम दर्ज करवा चुके हैं।
ग्रामीण परिवेश से निकलकर देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में शामिल पंजाब विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति के शीर्ष पद तक पहुंचने वाले अंकित की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि हरियाणा के विद्यार्थियों के लिए इस सफर की नींव करीब 25 वर्ष पहले भूपेंद्र बूरा ने रखी थी। 1997 से अब तक भूपेंद्र बूरा व अंकित सहित छात्र संघ पी.यू. के 27 अध्यक्ष बने हैं और इनमें से 5 हरियाणा के रहने वाले हैं।
विशेष बात यह है कि पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के छात्र संघ चुनावों को उत्तर भारत की महत्वपूर्ण छात्र राजनीति का केंद्र माना जाता है। करीब 16 हजार से अधिक विद्यार्थी मतदाताओं वाले इस चुनाव में पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों के विद्यार्थी संगठन लगातार सक्रिय रहे हैं।
विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े छात्र संगठन यहां अपनी ताकत और संगठनात्मक क्षमता का प्रदर्शन करते रहे हैं। करीब 25 वर्ष पहले वर्ष 2000-01 में हरियाणा निवासी भूपेंद्र बूरा भूप्पी ने पंजाब विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की थी।
उस समय भूपेंद्र बूरा को किसी राजनीतिक दल का समर्थन प्राप्त नहीं था और वह छात्र इकाइयों के समर्थन से ही चुनाव मैदान में उतरे थे। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में हरियाणा की मजबूत मौजूदगी की नींव रखी और आने वाली पीढ़ी के विद्यार्थियों के लिए नेतृत्व का रास्ता खोला।
हरियाणा के 5 अध्यक्षों में से 3 का है जींद से संबंध
अब तक हरियाणा मूल के 5 विद्यार्थी पंजाब विश्वविद्यालय छात्र परिषद के अध्यक्ष चुने जा चुके हैं। इनमें से 3 अध्यक्षों का संबंध जींद जिले से है। अब उचाना विधानसभा क्षेत्र के गांव पेगा निवासी अंकित बिधान के अध्यक्ष पद पर विजयी होने के बाद जींद का यह गौरव और बढ़ गया है।
भूपेंद्र बूरा के पश्चात करीब 15 वर्षों के अंतराल के बाद में 2015-16 मेंहरियाणा निवासी दिव्यांशु बुद्धिराजा कांग्रेस की छात्र इकाई एन.एस.यू.आई. की ओर से अध्यक्ष चुने गए थे। इसके बाद 2022-23 आयुष खटकड़ आम आदमी पार्टी के समर्थन से अध्यक्ष बने। 2024-25 में हरियाणा निवासी अनुराग दलाल ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की।
हरियाणा से अध्यक्ष चुने गए 5 नेताओं में से 4 भूपेंद्र बूरा, आयुष खटकड़, अनुराग दलाल और अंकित बिढ़ान जाट समुदाय से आते हैं। अंकित बिधान की जीत इसलिए भी खास है कि वह गांव पेगा जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर पंजाब विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति के सर्वोच्च पद तक पहुंचे हैं।
उनकी सफलता ने न केवल उचाना बल्कि पूरे जींद जिले के युवाओं के लिए एक नई मिसाल कायम की है। अंकित बिधान का मुकाबला राष्ट्रीय छात्र संगठन के गुरमन सिंह सिद्ध, आम आदमी पार्टी समर्थित आम छात्र मंच के आदिल बराड़ और दर्शप्रीत सिंह से हुआ।
2021 से विद्यार्थी परिषद से जुड़े हुए हैं अंकित
अंकित बिढ़ान वर्ष 2021 से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े हुए हैं। विद्यार्थी संगठन के साथ काम करते हुए उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया। कानून विभाग में अध्ययन करने के बाद उन्होंने सामाजिक समावेशन से जुड़े अध्ययन और शोध कार्य को भी आगे बढ़ाया। वर्तमान में वह पंजाब यूनिवर्सिटी से वकालत में पीएच. डी. कर रहे हैं। विद्यार्थी राजनीति में सक्रिय रहने के दौरान अंकित ने छात्र हितों से जुड़े कई विषयों पर अपनी आवाज उठाई।
उनका कहना है कि विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करवाना और परिसर में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना होना चाहिए। उनकी उम्मीदवारी का एक महत्वपूर्ण पहलू उनका ग्रामीण पृष्ठभूमि से आना भी रहा।
अंकित बिधान और विद्यार्थी परिषद ने चुनाव प्रचार के दौरान छात्र हित, विश्वविद्यालय की मूलभूत सुविधाएं, छात्रावास, स्वच्छता, सुरक्षा, शुल्क, डिजिटल सुविधाएं और विद्यार्थी कल्याण जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी। उनका जोर इस बात पर रहा कि छात्र राजनीति व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप की बजाय विद्यार्थियों की वास्तविक समस्याओं के समाधान पर केंद्रित होनी चाहिए।