एटीएम पिन चोरी होने से बचाएं: क्या है थर्मल स्कैनिंग स्कैम? जानें बचाव

एटीएम थर्मल स्कैनिंग स्कैम से रहें सावधान! उंगलियों के निशान से पिन चुराने वाले इस नए फ्रॉड से बचने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स।

डिजिटल दौर में एटीएम से कैश निकालना बेहद आम हो गया है, लेकिन इसके साथ नए तरह के फ्रॉड का खतरा भी बढ़ रहा है. हाल के दिनों में एटीएम थर्मल स्कैनिंग स्कैम को लेकर कई मामले सामने आए हैं. इस तकनीक के जरिए अपराधी एटीएम कीपैड पर उंगलियों से बनी गर्मी के निशान को पढ़कर पिन का अनुमान लगाने की कोशिश करते हैं. यानी कि थर्मल स्कैनिंग से आपके एटीएम पिन को चुराया जा सकता है. ऐसे में एटीएम इस्तेमाल करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतना बेहद जरूरी हो गया है.

क्या है एटीएम थर्मल स्कैनिंग तकनीक?

थर्मल स्कैनिंग एक ऐसी तकनीक है जिसके जरिए एटीएम कीपैड पर मौजूद हीट पैटर्न को पढ़ने की कोशिश की जाती है. जब कोई व्यक्ति एटीएम मशीन में अपना पिन दर्ज करता है, तब उसकी उंगलियों की गर्मी कुछ समय के लिए दबाए गए बटनों पर बनी रह सकती है. अपराधी विशेष थर्मल कैमरे या स्कैनिंग डिवाइस की मदद से इन तापीय निशानों को देख सकते हैं. इसके आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जाती है कि हाल ही में किन बटनों का इस्तेमाल हुआ है. हालांकि इससे सीधे पिन का पता नहीं चलता, लेकिन अपराधियों को पिन का अनुमान लगाने में मदद मिल सकती है.

कैसे काम करता है यह नया स्कैम?

एटीएम से लेनदेन पूरा होने के बाद यदि कोई अपराधी तुरंत उस मशीन तक पहुंच जाए तो वह कीपैड पर मौजूद गर्मी के पैटर्न को रिकॉर्ड कर सकता है. थर्मल कैमरे में जो बटन सबसे ज्यादा गर्म दिखाई देता है, उसे हाल में दबाया गया बटन माना जा सकता है, जबकि अपेक्षाकृत कम गर्म बटन पहले दबाए गए हो सकते हैं. इन तापीय संकेतों का एनालिसिस करके अपराधी पिन के अंकों और उनके क्रम का अनुमान लगाने की कोशिश करते हैं. जैसे कि एटीएम कीपैड पर 3478 बटन को दबाया गया है तो ठग इन नंबरों को आगे पीछे करके पिन का अंदाजा लगा सकता हैं या जो कि क्रैक करना काफी आसान हो जाता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार यह तरीका हर बार सफल नहीं होता, लेकिन फिर भी इसे सुरक्षा के लिहाज से एक संभावित जोखिम माना जाता है.

प्लास्टिक और मेटल कीपैड में कितना फर्क?

एटीएम मशीनों में इस्तेमाल होने वाले कीपैड का प्रकार भी इस तकनीक की प्रभावशीलता को प्रभावित कर सकता है. प्लास्टिक कीपैड पर उंगलियों की गर्मी और निशान कुछ समय तक बने रह सकते हैं, जिससे उन्हें विशेष उपकरणों की मदद से पहचानना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है. इसके विपरीत मेटल कीपैड गर्मी को तेजी से फैला देते हैं और जल्दी ठंडे हो जाते हैं. यही वजह है कि धातु वाले कीपैड पर थर्मल स्कैनिंग के जरिए जानकारी जुटाना अपेक्षाकृत कठिन माना जाता है. ऐसे में एटीएम इस्तेमाल करने के बाद नंबर पैड की बटनों को छूना यूजर्स के लिए फायदेमंद हो सकता है.

थर्मल स्कैनिंग स्कैम से बचने के लिए क्या करें?

एटीएम से पैसे निकालने के बाद केवल लेनदेन पूरा करना ही काफी नहीं है, बल्कि कुछ छोटी सावधानियां भी जरूरी हैं. पिन दर्ज करते समय हमेशा दूसरे हाथ से कीपैड को ढंककर रखें ताकि कोई व्यक्ति या कैमरा आपके नंबर न देख सके. लेनदेन पूरा होने के बाद कीपैड के अन्य बटनों को भी हल्के से छू दें, जिससे सभी बटनों पर एक जैसा तापीय निशान बन जाए और किसी के लिए सही पिन का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाए. इसके अलावा भीड़भाड़ से दूर और सुरक्षित एटीएम का इस्तेमाल करें तथा आसपास संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो तुरंत सतर्क हो जाएं या किसी अन्य एटीएम पर जा सकते हैं.

ऐसे रहें सुरक्षित

  • पिन डालते समय दूसरे हाथ से कीपैड को जरूर ढंकें.
  • लेनदेन के बाद कीपैड के कुछ अन्य बटनों को भी छू लें.
  • एटीएम के आसपास मौजूद संदिग्ध लोगों पर नजर रखें.
  • सुनसान या असुरक्षित एटीएम मशीन का इस्तेमाल करने से बचें.
  • अपना एटीएम पिन किसी के साथ साझा न करें.
  • समय-समय पर पिन बदलते रहें.
  • लेनदेन के बाद बैंक से आने वाले एसएमएस और अलर्ट जरूर जांचें.
  • यदि किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत बैंक को सूचना दें.
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