कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली-देहरादून बसों का रूट बदला, किराया ₹65 घटा और 3 घंटे की होगी बचत
कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे और NH-58 पर व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। देहरादून से दिल्ली जाने वाली बसों का किराया ₹65 घटा है और 3 घंटे समय की बचत होगी। पढ़ें पूरा रूट प्लान।
कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली की बसों का मार्ग (रूट) बदल दिया गया है। अब सभी बसें दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे से जा रही हैं। एक्सप्रेस-वे से जाने पर दिल्ली का किराया 65 रुपये कम हो गया है, साथ ही समय में भी तीन घंटे की बचत हो रही है।
रूट डायवर्ट होने के बाद अब देहरादून से दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, जयपुर और आगरा की ओर जाने वाली सभी बसें वाया रुड़की-मुजफ्फरनगर के बजाय देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे से भेजी जा रही हैं। वाया रुड़की-मुजफ्फरनगर होकर दिल्ली का सामान्य बस से किराया 420 रुपये था, जो एक्सप्रेस-वे से घटकर 355 रह गया है। वहीं, पुराने रूट से दिल्ली पहुंचने में जहां छह घंटे लगते थे, अब महज तीन घंटे लग रहे हैं। मंडलीय प्रबंधक (संचालन) सुरेश चौहान ने बताया कि ऋषिकेश की बसों को भी देहरादून से होकर एक्सप्रेस-वे से भेजा जा रहा है।
दिल्ली-दून हाईवे की एक लेन बंद
कांवड़ यात्रा के लिए दिल्ली-देहरादून हाईवे (एनएच-58) का एक हिस्सा परतापुर से उत्तराखंड तक कांवड़ियों के लिए आरक्षित कर दिया है। हाईवे की एक लेन पर कांवडिए चलेंगे, दूसरी ओर से आने-जाने वाले दोनों वाहन चलेंगे। कांवड़ियों की संख्या बढ़ने पर डीएमई (दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे) की एक लेन पांच अगस्त से कांवड़ियों के लिए आरक्षित कर दी जाएगी।
एनएच-58 को तय समय से तीन दिन पहले ही कांवड़ियों के लिए आरक्षित कर दिया है। हाईवे की एक पटरी पर टू-वे व्यवस्था में हल्के वाहन व बाइक चलेंगी। दूसरी को वाहनों के लिए सात अगस्त से बंद करने को लेकर मंथन चल रहा है। सात तारीख के बाद पूरा यातायात डायवर्ट कर दिया जाएगा।
बागपत से दिल्ली रूट
बागपत से दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा की ओर जाने वाला यातायात शामली से करनाल, पानीपत, सोनीपत एनएच-1 होते हुए आगे जाएगा। अथवा शामली से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे से होते हुए दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा जा सकते हैं। दिल्ली, गाजियाबाद, बुलंदशहर व नोएडा से बागपत की ओर आने वाला यातायात मवीकलां ईपीई कट से नहीं आ पाएगा। इन्हें सोनीपत, पानीपत, करनाल होते हुए बागपत की ओर आना होगा अथवा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे से भी अपने गंतव्य की ओर आ सकते हैं।
एक्सप्रेस वे पर मेरठ से सिर्फ जाने की सुविधा
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर पांच अगस्त से एक लेन कांवड़ियों के लिए आरक्षित करने की प्लानिंग है। दूसरी लेन पर मेरठ से दिल्ली के लिए हल्के वाहन चलते रहेंगे। दिल्ली से जिन वाहनों को मेरठ-हरिद्वार की तरफ आना है, उन्हें गाजीपुर बार्डर से एनएच-9 होते हुए यूपी गेट से डासना इंटरचेंज गाजियाबाद से पिलखुवा हापुड़ भेजा जाएगा। यहां से ततारपुर तिराहा होते हुए ये वाहन किठौर से मेरठ आएंगे। जिन वाहनों को मुजफ्फरनगर जाना है, उन्हें किठौर से परीक्षितगढ़ होकर मवाना और रामराज निकाला जाएगा, जहां से मुजफ्फरनगर जाएंगे।
दिल्ली से मेरठ गाजीपुर बार्डर
एनएच- 9 यूपी गेट होते हुए डासना इंटरचेंज गाजियाबाद, यहां से पिलखुवा हापुड़ होकर निजामपुर तिराहा हापुड़ बाईपास ततारपुर तिराहा-टियाला अंडरपास हापुड़ से मेरठ के किठौर की ओर आना होगा। यहां से गढ़ रोड से होकर मेरठ आएंगे।
दिल्ली-गाजियाबाद की तरफ से आने भारी वाहन सिम्भावली कट से गंगा एक्सप्रेसवे पर (माइल स्टोन-32.5 किमी. से) यू-टर्न लेकर आगे जाएंगे। गजरौला, अमरोहा जाने वाले हसनपुर गंवा कट पर उतरेंगे। अमरोहा जाने वाले सम्भल कट के रास्ते होकर आगे जाएंगे। लखनऊ-बरेली-मुरादाबाद से गाजियाबाद, दिल्ली जाने वाले वाहन चंदौसी, सम्भल कट और गजरौला से हसनपुर गवा कट से गंगा एक्सप्रेस वे होते हुए सिम्भावली कट से उतर कर एनएच 9 से आगे जाएंगे। हल्के वाहन और बाइक हाईवे की एक लेन पर चलते रहेंगे। भीड़ बढ़ने पर इन्हें भी उपरोक्त मार्ग से ही गुजारा जाएगा।