कानपुर में 16 रुपये में कपड़े की खबर पर देर रात मची भगदड़, पुलिस ने बंद कराया आलम मार्ट
कानपुर के अनवरगंज में 16 रुपये में सामान देने के ऑफर पर उमड़ी भारी भीड़। भगदड़ और लाठीचार्ज के दावों पर पुलिस का बयान आया सामने।
कानपुर के अनवरगंज थाना क्षेत्र में शनिवार (15/16 अगस्त की मध्यरात्रि) देर रात एक अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब महज 16 रुपये में कपड़े और अन्य सामान मिलने की खबर सुनकर हजारों लोगों की भीड़ बाजार में टूट पड़ी. स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि सड़क पर भीषण जाम लग गया और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. मौके पर पहुंची पुलिस को भीड़ को खदेड़ने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी. इसी दौरान पुलिस द्वारा भीड़ पर लाठीचार्ज करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया है.
स्थानीय लोगों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा हंगामा अनवरगंज स्थित आलम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स (आलम मार्ट) के बाहर हुआ. आलम मार्ट के मालिक रईस आलम का जन्मदिन था. अपनी दुकान के प्रचार और बेहतर सोशल मीडिया रीच के लिए उन्होंने एक अनोखा ऑफर निकाला. रईस आलम ने शहर के कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के जरिए यह विज्ञापन प्रसारित करवाया कि उनके जन्मदिन के मौके पर “महज 16 मिनट के लिए दुकान का हर सामान सिर्फ 16 रुपये में” मिलेगा.
भगदड़ और लाठीचार्ज: सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
16 रुपये की इस सेल का ऑफर सुनकर आसपास के इलाकों से हजारों की तादाद में युवा और स्थानीय लोग देर रात आलम मार्केट की तरफ दौड़ पड़े. हजारों का हुजूम जुटने के कारण अनवरगंज कपड़ा बाजार की सड़कें पूरी तरह से जाम हो गईं. दुकान के अंदर घुसने की होड़ में भगदड़ मच गई, जिसमें कई लोगों के मामूली रूप से चोटिल होने की भी सूचना है.
हालात बेकाबू होते देख स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी. कई थानों की फोर्स और खुद एसीपी (ACP) मौके पर पहुंचे. वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) करना पड़ा, जिसके बाद लोग अपनी जान बचाकर वहां से भागते नजर आ रहे हैं.
“बल प्रयोग नहीं किया, आयोजक पर होगी कार्रवाई”
हालात काबू में आने के बाद अनवरगंज थाना प्रभारी और पुलिस के उच्च अधिकारियों ने लाठीचार्ज के दावों का खंडन किया है. पुलिस प्रशासन का स्पष्टीकरण- “शनिवार देर रात सूचना मिली थी कि आलम मार्केट में भारी भीड़ एकत्रित हो गई है. पुलिस आयुक्त महोदय के निर्देश पर पहले से ही चेकिंग चल रही थी, जिससे फोर्स तुरंत पहुंच गई. संचालक द्वारा सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार किया गया था. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझा-बुझाकर वहां से हटा दिया है. वर्तमान में कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है और मौके पर किसी भी प्रकार का बल प्रयोग नहीं किया गया है.”
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मार्ट को बंद करा दिया गया है और अब इस पूरे प्रकरण के तथ्यों की जांच की जा रही है. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अफवाह और अव्यवस्था फैलाने वाले ‘आलम मार्ट’ के मालिक रईस आलम और इसका प्रचार करने वाले इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ पुलिस क्या कानूनी कार्रवाई करती है?