कृषि जोन में औद्योगिक सीएलयू के लिए रास्ते की चौड़ाई पर नया स्पष्टीकरण, पंचायत को जमीन देकर बना सकेंगे 33 फुट चौड़ा मार्ग
कृषि जोन में औद्योगिक सीएलयू के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने जारी किए निर्देश। आवेदन से पहले पंचायत को हस्तांतरित करनी होगी जमीन।
चंडीगढ़ : कृषि जोन में औद्योगिक गतिविधि शुरू करने के लिए चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) की मंजूरी लेने वाले जमीन मालिकों के लिए रास्ते की चौड़ाई को लेकर प्रक्रिया अब अधिक स्पष्ट कर दी गई है। यदि प्रस्तावित औद्योगिक साइट के सामने 33 फुट चौड़ा वैध रास्ता उपलब्ध नहीं है तो केवल इसी कमी के कारण सीएलयू का रास्ता बंद नहीं होगा। जमीन मालिक अपनी निजी जमीन का आवश्यक हिस्सा ग्राम पंचायत को हस्तांतरित कर 33 फुट चौड़ा सेल्फ-मेड पंचायती रास्ता तैयार कर सकता है।
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने इस संबंध में प्रक्रिया और जमीन हस्तांतरण का क्रम स्पष्ट किया है। नई व्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रास्ते की कमी पूरी करने के लिए जमीन का हस्तांतरण सीएलयू आवेदन करने से पहले ग्राम पंचायत के पक्ष में करना अनिवार्य होगा। यानी सीएलयू की फाइल लगाने के बाद रास्ते के लिए जमीन पंचायत को देने का विकल्प उपलब्ध नहीं रहेगा।
जितनी कमी, उतनी जमीन निजी हिस्से से देनी होगी
किसी औद्योगिक साइट तक पहुंचने वाला मौजूदा रास्ता यदि 33 फुट से कम चौड़ा है तो उसकी कमी निजी जमीन देकर पूरी की जा सकती है। उदाहरण के तौर पर यदि राजस्व रास्ता या सार्वजनिक सड़क 27.5 फुट चौड़ी है तो उसे 33 फुट का करने के लिए जमीन मालिक को 5.5 फुट अतिरिक्त जमीन रास्ते के लिए उपलब्ध करानी होगी। इसी प्रकार यदि मौजूदा रास्ते की चौड़ाई 20 या 25 फुट है तो 33 फुट की निर्धारित चौड़ाई तक पहुंचने के लिए जितनी जमीन की जरूरत होगी, उतना हिस्सा संबंधित जमीन मालिक को पंचायत के पक्ष में देना होगा। जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह मार्ग सेल्फ-मेड पंचायती रास्ते के रूप में माना जाएगा।
पहले जमीन पंचायत को, फिर सीएलयू आवेदन
विभाग की व्यवस्था में जमीन हस्तांतरण का क्रम बेहद महत्वपूर्ण है। औद्योगिक उपयोग के लिए सीएलयू चाहने वाले आवेदक को पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि 33 फुट के रास्ते की कमी पूरी करने के लिए आवश्यक निजी जमीन ग्राम पंचायत के नाम हस्तांतरित हो चुकी है। इसके बाद ही सीएलयू के लिए आवेदन किया जा सकेगा। इसका सीधा अर्थ है कि कोई आवेदक पहले सीएलयू आवेदन करके बाद में रास्ते की जमीन पंचायत को देने की प्रक्रिया नहीं अपना सकेगा। विभाग ने इसी बिंदु को लेकर स्थिति स्पष्ट की है, ताकि सीएलयू की प्रक्रिया के दौरान रास्ते की उपलब्धता को लेकर कोई भ्रम न रहे।
नवंबर 2025 के संशोधन के बाद प्रक्रिया हुई स्पष्ट
कृषि जोन में औद्योगिक सीएलयू के लिए सेल्फ-मेड पंचायती रास्ते से संबंधित व्यवस्था में सरकार ने 11 नवंबर 2025 को संशोधन किया था। इसके बाद अब विभाग ने सितंबर 2026 में प्रक्रिया को लेकर आवश्यक स्पष्टीकरण जारी किया है। इससे कम चौड़ाई वाले रास्तों से जुड़ी औद्योगिक परियोजनाओं के लिए जमीन हस्तांतरण और सीएलयू आवेदन की प्रक्रिया का क्रम स्पष्ट हो गया है। इससे पहले भी निर्धारित चौड़ाई से कम रास्ते को 33 फुट तक करने के लिए अतिरिक्त जमीन उपलब्ध कराने का प्रावधान था। वर्ष 2023 में जारी दिशा-निर्देशों में हिब्बानामा या गिफ्ट डीड के माध्यम से रास्ते के लिए जमीन देने की व्यवस्था का उल्लेख किया गया था। अब ताजा स्पष्टीकरण में विशेष रूप से यह स्पष्ट किया गया है कि जमीन हस्तांतरण सीएलयू आवेदन से पहले होना चाहिए।
पहले से 33 फुट रास्ता है तो अतिरिक्त जमीन की जरूरत नहीं
यदि औद्योगिक साइट पहले से ही 33 फुट या उससे अधिक चौड़े वैध राजस्व रास्ते अथवा सार्वजनिक सड़क से सीधे जुड़ी हुई है तो जमीन मालिक को सेल्फ-मेड पंचायती रास्ता बनाने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसी स्थिति में रास्ते की चौड़ाई पूरी करने के लिए पंचायत को अतिरिक्त निजी जमीन देने की शर्त भी लागू नहीं होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य उन मामलों को अलग करना है जहां साइट तक पहले से पर्याप्त चौड़ाई वाला वैध रास्ता उपलब्ध है और उन मामलों को जहां रास्ता निर्धारित चौड़ाई से कम है।
निजी जमीन से बना रास्ता भी सार्वजनिक नेटवर्क से जुड़ना जरूरी
सेल्फ-मेड पंचायती रास्ते की सुविधा का अर्थ यह नहीं है कि औद्योगिक साइट को किसी भी निजी रास्ते के जरिये सीएलयू मिल जाएगा। निजी जमीन देकर तैयार किया गया 33 फुट चौड़ा पंचायती रास्ता आगे कम से कम 33 फुट चौड़े वैध राजस्व रास्ते या सार्वजनिक सड़क से जुड़ा होना जरूरी है। यानी रास्ता केवल औद्योगिक भूखंड के सामने चौड़ा कर देना पर्याप्त नहीं होगा। उसका आगे सार्वजनिक सड़क नेटवर्क से उचित संपर्क भी होना चाहिए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि औद्योगिक साइट अलग-थलग न रह जाए और वहां आवागमन के लिए वैध एवं पर्याप्त चौड़ाई वाला मार्ग उपलब्ध हो।
औद्योगिक सीएलयू लेने वालों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव
ताजा स्पष्टीकरण के बाद कृषि जोन में औद्योगिक उपयोग के लिए सीएलयू लेने वाले जमीन मालिकों को आवेदन से पहले रास्ते से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। यदि मौजूदा रास्ता 33 फुट से कम है तो कमी के बराबर जमीन पंचायत को हस्तांतरित करनी होगी। इसके बाद ही सीएलयू प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। विभाग की इस व्यवस्था से एक ओर कम चौड़ाई वाले रास्ते के कारण अटकने वाले मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत रास्ता उपलब्ध कराने का विकल्प बना रहेगा, वहीं दूसरी ओर सीएलयू स्वीकृति के समय रास्ते की वास्तविक उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इससे आवेदन, जमीन हस्तांतरण और सीएलयू की प्रक्रिया के बीच स्पष्ट क्रम कायम रहेगा।