गाजियाबाद के जुनैद मलिक की बढ़ीं मुश्किलें, जंतर-मंतर प्रदर्शन में भोजन बांटने पर पुलिस जांच जारी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों को खाना खिलाकर चर्चा में आए गाजियाबाद के मोहम्मद जुनैद से पुलिस पूछताछ कर रही है। जानें 8 लाख के खर्च और पुलिस जांच से जुड़ा पूरा मामला।

गाजियाबाद: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान सेवादार बनकर भोजन और पानी बांटने वाले गाजियाबाद के मोहम्मद जुनैद इन दिनों काफी चर्चा में हैं। प्रदर्शन तो समाप्त हो गया, लेकिन जुनैद की प्रशासनिक मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।

बताया जा रहा है कि वह हर दिन 7 से 8 हजार लोगों को भोजन उपलब्ध करा रहे थे, जिसमें रोजाना करीब 8 लाख रुपये का खर्चा आ रहा था। ऐसे में सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर दिल्ली में मोबाइल की दुकान चलाने वाले जुनैद के पास इतना पैसा कहां से आया। पूरा सच जानने के लिए जब मीडिया टीम उनके नाहल गांव स्थित घर पहुंची, तो परिवार का कोई भी सदस्य बाहर नहीं आया।

👮 परिजनों का आरोप: पुलिस लगातार कर रही पूछताछ, पहचान व बैंक दस्तावेजों के मांगे जा रहे ब्योरे

गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र स्थित नाहल गांव निवासी जुनैद के परिजनों का आरोप है कि बेटे की सेवा भावना के कारण अब पूरे परिवार को पुलिस पूछताछ का सामना करना पड़ रहा है। परिजनों के अनुसार, 23 जुलाई को मसूरी पुलिस ने पूछताछ की और इसके बाद 24 जुलाई को भी उन्हें थाने बुलाया गया, जिससे घर में तनाव का माहौल बना हुआ है।

जुनैद के पिता मुस्तफा का कहना है कि उनका बेटा केवल जरूरतमंदों की सेवा कर रहा था। इसके बावजूद पुलिस परिवार और रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है। उनसे पहचान पत्र, पैन कार्ड और बैंक पासबुक समेत कई दस्तावेजों की जानकारी मांगी गई है। परिवार का दावा है कि पुलिस मेरठ स्थित जुनैद की बड़ी बहन के ससुराल भी पूछताछ के लिए पहुंची थी।

📜 ‘सिर्फ सेवादार बनकर बांटा भोजन, नहीं आई कोई फंडिंग’: सुप्रीम कोर्ट पहुंचे जुनैद

इस पूरे विवाद के बीच मोहम्मद जुनैद का एक वीडियो बयान भी सामने आया है। वीडियो में उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने सिर्फ एक सेवादार के रूप में भोजन और पानी का वितरण किया था और उनके पास कोई व्यक्तिगत या अवैध फंडिंग नहीं आई थी।

वहीं, पुलिस पूछताछ और लगातार मिल रहे नोटिस के खिलाफ जुनैद ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। परिजनों का कहना है कि उनका मुख्य पेशा खेती-किसानी है और गांव में उनकी एक डेयरी भी है।

🏠 गांव में डर और सन्नाटे का माहौल: पड़ोसियों ने कहा- ‘जुनैद की अकेले खाना खिलाने की स्थिति नहीं’

घटना के बाद से जुनैद के घर पर सन्नाटा पसरा हुआ है और परिवार का कोई भी सदस्य मीडिया से बात करने बाहर नहीं आ रहा है। पड़ोसियों का कहना है कि पुलिस जांच के कारण परिवार थोड़ा डरा हुआ है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, जुनैद का व्यवहार हमेशा ठीक रहा है और वह खेती-किसानी से जुड़ा हुआ है। पड़ोसियों ने बताया कि जुनैद के परिवार की आर्थिक स्थिति अकेले इतने लोगों को खाना खिलाने की नहीं है; जो भोजन वहां पहुंच रहा था, उन्होंने बस उसे बांटने में मदद की थी। फिलहाल पुलिस सभी वित्तीय पहलुओं और संभावित नेटवर्क की गहनता से जांच कर रही है।

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