गाजियाबाद में हाजी सलमान के परिजनों को बड़ा झटका, एससी-एसटी कोर्ट ने ठुकराया अग्रिम जमानत का आवेदन
गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में चर्चित हाजी सलमान प्रकरण में विशेष न्यायालय (एससी/एसटी एक्ट) ने आरोपी की मां और भाई की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी क्षेत्र में चर्चा में आए हाजी सलमान प्रकरण में विशेष न्यायालय (एससी/एसटी एक्ट) ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपियों को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने हाजी सलमान की माता संजीदा और भाई शेर खान की ओर से दायर की गई प्रथम अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। इस मामले में पहले से ही पुलिस गंभीर धाराओं के तहत जांच और कानूनी कार्रवाई कर रही है।
🚗 दो सितंबर की घटना: रास्ते में विवाद के बाद आरोपियों पर लगा था गंभीर धाराओं में हमला करने का आरोप
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता चौधरी अजय वीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह पूरी घटना 2 सितंबर 2026 की है, जब सुमित अपने साथी मोहित के साथ किसी निजी काम से जा रहा था। रास्ते में एक मोड़ पर हाजी सलमान और उसके सहयोगियों की गाड़ी खड़ी होने के कारण उन्हें रुकना पड़ा। इसी दौरान फोन पर बात करने को लेकर हुआ मामूली विवाद बढ़ गया। आरोप है कि हाजी सलमान, उसके भाई शाहनवाज, शेर खान और माता संजीदा समेत अन्य लोगों ने मिलकर सुमित और उसके साथियों पर घातक हथियारों से लैस होकर हमला कर दिया।
🔫 जातिसूचक गालियां और पिस्टल से हमले का आरोप: अदालत ने नहीं पाया जमानत का पर्याप्त आधार
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की नीयत से पिस्टल की बट से गंभीर चोटें पहुंचाईं, गले की सोने की चेन व मोबाइल फोन लूट लिया तथा बीच-बचाव करने आए अन्य लोगों के साथ भी मारपीट की। इस संबंध में थाना लोनी में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पत्रावली के अवलोकन के बाद अदालत ने स्पष्ट किया कि आवेदकों को अग्रिम जमानत का लाभ दिए जाने का कोई पर्याप्त आधार नहीं बनता है, जिसके चलते कोर्ट ने शेर खान और संजीदा की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।