गाजियाबाद: मोदीनगर में सरकारी जमीन पर बुलडोजर, अवैध दुकानें जमींदोज

गाजियाबाद के मोदीनगर में बेगमाबाद गांव में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनी 14 दुकानें बुलडोजर से ढहा दी गईं। प्रशासन ने 2.75 करोड़ की जमीन मुक्त कराई।

गाजियाबाद के मोदीनगर में बेगमाबाद गांव की बड़ी मस्जिद के पास सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनीं 14 दुकानों को सोमवार को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पीएसी, आरएएफ और तीन थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही।

मस्जिद कमेंटी इन सभी 14 दुकानों का किराया लेती थी। नगर पालिका परिषद ने मार्केट की जमीन को अपनी बताते हुए उपजिलाधिकारी कोर्ट में वाद दायर किया था। जांच के बाद 30 मई को उपजिलाधिकारी कोर्ट में दुकानों को अवैध बताते हुए नगर पालिका परिषद के पक्ष में फैसला सुनाया गया था। शनिवार को उपजिलाधिकारी और एसीपी गांव बेगमाबाद गए और दुकानदारों से दुकानें खाली करने के लिए कहा था। दुकान खाली न करने पर ध्वस्तीकरण कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। कार्रवाई को देखते हुए शनिवार से ही गांव बेगमाबाद में भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया था। उपजिलाधिकारी अजित सिंह, एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा, मोदीनगर, निवाड़ी, भोजपुर व मुरादनगर के थानाप्रभारी पुलिस बल के साथ सोमवार दोपहर गांव बेगमाबाद पहुंच गए। इस दौरान पीएसी व आरएएफ की एक बटालियन भी मौजूद रही। इसे देखते हुए दुकानदारों ने खुद दुकान तोड़नी शुरू कर दी। उसके बाद सवा 12 बजे से बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई और दोपहर 2 बजे तक सभी दुकानें जमींदोज कर दी गईं।

कई बार विवाद हो चुका

गांव बेगमाबाद पहले ग्राम समाज में आता था। यह भूमि ग्राम समाज की बताई जा रही है। वर्ष 2000 में ग्राम समाज ने उपजिलाधिकारी कोर्ट में वाद दायर किया था और दुकानों को अवैध बताया था। पिछले दिनों गांव बेगमाबाद नगर पालिका परिषद मोदीनगर का हिस्सा बन गया। इसके बाद नगर पालिका परिषद ने वाद दायर किया था। करीब 26 साल से अवैध कब्जा था।

मदरसे पर जुर्माना लगेगा

सूर्या हत्याकांड के बाद कनावनी में सील हुए मदरसे पर भी जुर्माना लगेगा। विद्युत निगम की जांच में सामने आया है कि मदरसे के लिए शैक्षणिक के बजाय व्यावसायिक श्रेणी का कनेक्शन लिया गया था। सूर्या हत्याकांड के बाद खोड़ा में दो मदरसे सील हुए थे। इनके कनेक्शन भी मानकों के विपरीत लिए गए थे। दोनों पर कुल करीब 1.30 लाख रुपये का जुर्माना लगा था। कनावनी में बिना मान्यता के चल रहा जामिया खुल्फा-ए-राशिदीन मदरसा शनिवार को सील किया गया था। मुख्य अभियंता बृजेश कुमार ने बताया कि मदरसे के लिए व्यावसायिक श्रेणी का कनेक्शन लिया गया था, जबकि शैक्षणिक श्रेणी में कनेक्शन लेना चाहिए था।

खोड़ा-लोनी के एक हजार से अधिक अपराधी फरार

सूर्या हत्याकांड के बाद खोड़ा और लोनी में शुरू हुए ऑपरेशन क्लीन स्वीप में एक हजार से अधिक अपराधी फरार मिले हैं। वहीं 500 से अधिक ने अपराध न करने की शपथ ली है। सूर्या हत्याकांड के बाद पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड़ ने खोड़ा और लोनी में ऑपरेशन क्लीन स्वीप के लिए अलग-अलग टीमें उतारी थीं। इसके तहत अपराधियों का सत्यापन किया गया। साथ ही थाने पहुंचे अपराधियों ने स्वसत्यापन कर अपराध न करने की भी शपथ ली थी। पुलिस आयुक्त ने बताया कि एक से छह तक चले अभियान में 473 स्थानों पर दबिश देकर 3,150 अपराधियों के रिकॉर्ड खंगाले गए। इनमें से 1,086 शातिर अपराधी अपने पते से फरार मिले हैं।

सूर्या की हत्या के 11 दिन बाद भी खोड़ा में तनाव

सूर्या हत्याकांड के 11 दिन बाद भी खोड़ा में तनाव है। वहीं, सूर्या के परिजनों से मिलने वालों का आना-जाना सोमवार को भी लगा रहा। सोमवार को मिलने वालों में मुख्य रूप से भाजपा के ओडिशा प्रदेश प्रभारी विजय पाल सिंह शामिल रहे। उन्होंने पदाधिकारियों के साथ सूर्या की मां सरोज से मुलाकात की और एक लाख रुपये की मदद दी। भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने भी 50 हजार रुपये दिए।

दो ड्रोन से निगरानी

ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान ड्रोन से निगरानी गई। दो ड्रोन मस्जिद के ऊपर रखे गए, जबकि एक ड्रोन मस्जिद के निकट बनी आबादी की निगरानी कर रहा था। कार्रवाई के दौरान पूरा इलाका सील कर दिया गया। सूत्र बताते हैं कि मस्जिद के आसपास और भी जमीन है, जिन पर अवैध रूप से कब्जा है।

अजित कुमार, एसडीएम मोदीनगर ”बेगमाबाद-बुदाना में रास्ते की भूमि पर बनी 14 दुकानों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। कब्जा मुक्त कराई गई जमीन की कीमत दो करोड़, 75 लाख 80 हजार रुपये है। जमीन नगर पालिका परिषद मोदीनगर सौंप दी गई।”

सुरेंद्र नाथ तिवारी, डीसीपी ग्रामीण गाजियाबाद, ”नगर पालिका परिषद की जमीन पर अवैध कब्जा कर दुकानें बनाई गई थीं। कोर्ट के आदेश पर इस पर बुलडोजर चलाया गया।कानून व्यवस्था न बिगड़े इसलिए पुलिस फोर्स तैनात किया गया।”

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