ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का 73% काम पूरा, फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट जाना होगा आसान
फरीदाबाद-जेवर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का 73 फीसदी से ज्यादा काम पूरा। 31.42 किमी लंबा यह मार्ग पलवल, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को जोड़कर बढ़ाएगा एनसीआर का व्यापार।
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का 73 प्रतिशत से ज्यादा कार्य पूरा हो चुका है। इस परियोजना के तहत डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेसवे फरीदाबाद-बल्लभगढ़ बाईपास से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सीधे जुड़ जाएगा। यह मार्ग केएमपी एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से भी जुड़ रहा है, जिससे दिल्ली, फरीदाबाद, पलवल और एनसीआर के लाखों यात्रियों को आवागमन की सुविधा मिलेगी। इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 31.425 किलोमीटर है। परियोजना का कार्य 2022में शुरू हुआ था। निर्माण अवधि दो वर्ष निर्धारित की गई थी, हालांकि अब संशोधित समय सीमा के तहत इसके अप्रैल 2027 तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है।
नोएडा एयरपोर्ट शुरू होने से उद्योंगों को मिलेगी रफ्तार
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आज से उड़ानें शुरू होने के साथ ही फरीदाबाद और पलवल के औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। उद्योग जगत से जुड़े जानकारों का मानना है कि यह एयरपोर्ट केवल हवाई यात्रा का साधन नहीं होगा, बल्कि पूरे एनसीआर के आर्थिक परिदृश्य को बदलने वाला महत्वपूर्ण केंद्र साबित होने जा रहा है। फरीदाबाद में वर्तमान में 30 हजार से अधिक छोटे-बड़े उद्योग संचालित हैं। इसके अलावा यमुना के आसपास करीब नौ हजार एकड़ क्षेत्र में नई इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) विकसित करने की योजना पर भी काम चल रहा है। प्रस्तावित आईएमटी नोएडा एयरपोर्ट के बेहद करीब होगी, जिससे उद्योगों को सीधे वैश्विक बाजारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार नई आईएमटी और एयरपोर्ट के बीच महज 10 से 15 मिनट में आवाजाही संभव हो सकेगी।
उद्योगपतियों का कहना है कि जिस प्रकार इंदिरा गांधी एयरपोर्ट ने गुरुग्राम के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया था। उसी तरह नोएडा एयरपोर्ट फरीदाबाद के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। एयरपोर्ट की सुविधा मिलने से निर्यात करने वाली कंपनियों को बड़ा लाभ होगा। उद्यमियों को विदेशी ग्राहकों और निवेशकों से संपर्क के लिए दिल्ली के ट्रैफिक जाम से जूझना नहीं पड़ेगा।
विदेशी निवेशकों के आने की संभावना
बेहतर कनेक्टिविटी के कारण विदेशी निवेश आकर्षित होने की संभावना भी बढ़ेगी। बड़ी औद्योगिक कंपनियां और बहुराष्ट्रीय संस्थान फरीदाबाद और पलवल में अपने संयंत्र स्थापित करने की दिशा में रुचि दिखा सकते हैं। सरकार भी नोएडा एयरपोर्ट से जुड़ने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के आसपास आईटी हब और औद्योगिक गलियारा विकसित करने की योजना पर काम कर रही है।
लोगों के पास दिल्ली के अलावा भी विकल्प होगा
शहर के लोगों के पास अभी दिल्ली एयरपोर्ट का ही विकल्प है, लेकिन नोएडा एयरपोर्ट के शुरू होते ही फरीदाबाद के लोगों को एक और विकल्प मिल जाएगा। उधर, हरियाणा रोडवेज ने फिलहाल नोएडा एयरपोर्ट तक बस सेवा शुरू करने की योजना नहीं बनाई है। अधिकारियों का कहना है कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद यात्रियों की संख्या बढ़ने के बाद इस दिशा में निर्णय लिया जा सकता है।
प्रॉपर्टी कारोबार भी बढ़ने की उम्मीद
एयरपोर्ट का सकारात्मक प्रभाव रियल एस्टेट सेक्टर पर भी पड़ने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी और रोजगार के अवसर बढ़ने से आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की मांग में वृद्धि हो सकती है। प्रॉपर्टी विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में लोग नोएडा के साथ-साथ फरीदाबाद को भी निवेश और आवास के लिए बेहतर विकल्प के रूप में देखेंगे।